सरकार को लग रहा है करोड़ों का चूना

जानकारी मिलने पर एसडीएम ने किया निरीक्षण चास : चास कृषि बाजार समिति स्थित एफसीआइ गोदाम में पानी डाल कर अनाज का वजन बढ़ाया जाता है और सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है. मामले की जानकारी मिलने पर चास एसडीएम सतीश चंद्रा चास बाजार समिति स्थित एफसीआइ गोदाम की जांच करने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

जानकारी मिलने पर एसडीएम ने किया निरीक्षण

चास : चास कृषि बाजार समिति स्थित एफसीआइ गोदाम में पानी डाल कर अनाज का वजन बढ़ाया जाता है और सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है. मामले की जानकारी मिलने पर चास एसडीएम सतीश चंद्रा चास बाजार समिति स्थित एफसीआइ गोदाम की जांच करने पहुंच गये. साथ ही एफसीआइ गोदाम मैनेजर सहित अन्य कर्मियों से पूछताछ की. इसके अलावा गोदाम में रखे अनाज से भरे बोरी की जांच की.
क्या है पूरा मामला : एफसीआइ गोदाम से 15 मई को दूसरी जगह अनाज भेजना था. रविवार को गोदाम मैनेजर दया शंकर झा की देखरेख में आधा दर्जन मजदूरों एक इंच के पाइप के माध्यम से गोदाम में रखे अनाज पर पानी डाल कर अनाज का वजन बढ़ा रहे थे. इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को होते ही वे गोदाम पहुंच गये और दाम मैनेजर सहित अन्य लोगों को घेर लिया.
पानी डाल बढ़ाया
चास एसडीएम श्री चंद्रा गोदाम पहुंचे. गोदाम की वस्तु स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने गोदाम मैनेजर सहित अन्य कर्मियों को जम कर फटकार लगायी. पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पानी डाल कर अनाज हेराफेरी करने का मामला प्रतीत होता है.
दो वर्षों से चास में चल रहा है एफसीआइ का गोदाम
चास कृषि बाजार समिति में करीब दो वर्षों से एफसीआइ का गोदाम चल रहा है. फिलहाल एफसीआइ बाजार समिति में दो गोदामों का इस्तेमाल कर रहा है. एक गोदाम एक हजार मीट्रिक टन व दूसरा गोदाम 2500 मीट्रिक टन का है. दोनों गोदामों में तीन दर्जन से अधिक मजदूर काम करते हैं. लोगों के अनुसार यहां गोदाम खुलने के बाद से पानी डाल कर अनाज का वजन बढ़ाने का खेल लगातार हो रहा है. कई बार स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. लेकिन केस करने की धमकी देकर आवाज को दबा दिया जा रहा था. इसी क्रम में रविवार को भी कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तो गोली मारने की धमकी दिया गया. इसके बाद भी युवक गोदाम के समक्ष जमे रहे.
एफसीआइ पर मेहरबान है बाजार समिति
चास कृषि बाजार समिति इन दिनों अपने दुकानदारों की प्यास बुझाने में असफल है. फिलहाल बाजार प्रांगण में पेयजल की आपूर्ति नहीं की जा रहा है. जबकि एफसीआइ को अनाज का वजन बढ़ाने के लिए प्रतिदिन हजारों लीटर पानी दिया जा रहा है. अनाज का वजन बढ़ाने के लिए एफसीआइ वाले एक इंच की पाइप के माध्यम से बाजार समिति के जलमीनार से पानी लाते हैं. इसके बाद भी बाजार समिति प्रबंधक खामोश है. जबकि बाजार समिति में कार्यरत अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी बाजार समिति परिसर स्थित सरकारी आवास में ही रहते हैं. इसके बाद भी संचालक द्वारा अनाज का वजन बढ़ाने के लिए पानी डालते हैं.
पानी नहीं किटनाशक का किया जा रहा है छिड़काव
एफसीआइ गोदाम मैनेजर दया शंकर झा ने बताया : अनाज का वजन बढ़ाने के लिए पानी का उपयोग नहीं किया जा रहा है. बल्कि किटनाशक दवा छिड़काव के लिए पानी लाया जा रहा था. अनाज में अगर कीटनाशक नहीं डाला जायेगा, तो अनाज खराब हो जायेगा. इसलिए माह में करीब दो बार कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाता है.
गोदाम मैनेजर को निलंबित करने के लिए लिखेंगे : एसडीएम
चास एसडीएम श्री चंद्रा ने बताया कि गोदाम मैनेजर पूछताछ का जवाब संतोषजनक नहीं है. गोदाम मैनेजर को निलंबित करने के लिए अनुशंसा की जायेगी. गोदाम मैनेजर का कीटनाशक दवा का छिड़काव देने का तर्क सही नहीं है. श्री चंद्रा ने कहा : सभी वस्तु की जानकारी एफसीआइ प्रबंधन को लिखित रूप से दी जायेगी.
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