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दानिशमंद दुनिया में भीख मांगता है नेत्रहीन परिवार

मामला चास प्रखंड क्षेत्र के चंदाहा गांव काप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJayant Chaudhary: क्या है ऑरवेलियन-1984, जिसका मंत्री जयंत चौधरी ने किया है जिक्रJustice Yashwant Varma Case: कैसे हटाए जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज?Spies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 28, 2017 4:31 AM

मामला चास प्रखंड क्षेत्र के चंदाहा गांव का

चास : चास प्रखंड के चंदाहा के जाहिर अंसारी (38 वर्ष) दुनिया को उसके रंगों में नहीं देख सकते. वह किसी को अपना घाव नहीं दिखा सकते. उनका यह दर्द इसलिए विकट नहीं हो जाता कि वे नेत्रहीन हैं. विडंबना के मारे जाहिर का दर्द इसलिए विकट है कि उनके परिवार के सभी छह सदस्य नेत्रहीन हैं. उनका नाम बीपीएल में दर्ज है, सभी सदस्य को विकलांग प्रमाण पत्र प्राप्त है, पर वे किसी भी सरकारी सुविधा से वंचित हैं. इस दानिशमंद दुनिया में यह परिवार भीख मांग कर गुजर बसर करता है.
भीख मांग कर चलाते हैं परिवार : नेत्रहीन परिवार के मुखिया जाहिर अंसारी अपने परिवार का भरण-पोषण भीख मांग कर करते हैं. साथ ही अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में तालीम दिलाते हैं. श्री अंसारी प्रतिदिन अपने गांव के आसपास के आधे दर्जन गांवों में घूम कर भीख मांगते हैं. लेकिन इस परिवार को सरकारी मदद दिलाने के लिए अब तक कोई भी आगे नहीं आया है. फलत: अंसारी परिवार काफी दुखी है.
दानिशमंद दुनिया में भीख
भीख के सहारे जी रहे इस परिवार से न्याय की आस काफी दूर छिटक गयी है.
परिवार को है सहारे की जरूरत : अंसारी
नेत्रहीन परिवार के मुखिया श्री अंसारी ने बताया : मेरे परिवार को आज तक किसी प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला. इसके लिए सभी से मिल कर न्याय दिलाने की गुहार लगायी. मदद में कोई आगे नहीं आया. मुखिया व आंगनबाड़ी सेविका से मिल कर मदद करने की अपील की गयी, लेकिन किसी ने आश्वासन देकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का काम नहीं किया.
कोट:::
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है. इसके बाद भी शीघ्र जांच करा ली जायेगी. इस जरूरतमंद परिवार को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जायेगा. – कपिल कुमार, बीडीओ, चास प्रखंड
परिवार को नहीं िमल रही कोई सरकारी सुविधा
सबका साथ सबका विकास की बात राजधानी से लेकर ग्राम पंचायत तक हो रही है. पर चंदाहा के जाहिर अंसारी तक आते-आते यह आवाज जैसे गुम हो जाती है. परिवार के सभी सदस्य को सिविल सर्जन कार्यालय से विकलांग प्रमाण पत्र फरवरी 2016 में ही निर्गत किया गया है. इस परिवार के किसी भी सदस्य को वृद्धा पेंशन सहित अन्य कोई भी सरकारी सुविधा अभी तक नहीं मिली है. इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ नहीं दिया गया. इस परिवार के मुखिया सरकारी सुविधा प्राप्त करने के लिए मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य सहित बड़े-बड़े नेताओं से गुहार लगा चुके हैं,
पर कोई भी इस परिवार की मदद को आगे नहीं आया. परिवार के मुखिया जाहिर अंसारी (उम्र 38) 70 फीसदी, पत्नी जेगुन बीबी (उम्र 35) 75 फीसदी, पुत्री जुबेदा खातून (उम्र-16) 70 फीसदी, रेशमा खातून (उम्र-10) 45 फीसदी, जुड़वा पुत्र आरफी व आसफी (उम्र-5) दोनों 60 फीसदी विकलांग है.
चंदाहा निवासी जहिर अंसारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का नेत्रहीन होने की मुझे सूचना नहीं है़ मेरे संज्ञान में आते ही नेत्रहीन परिवार को आंगनबाड़ी सहित प्रखंड कार्यालय से मिलने वाले सभी सुविधाएं मुहैया करायी जायेंगी़
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