बदल रहा ट्रेंड, अब जमाना बायोफी मॉडल रिज्यूमे का है

बोकारो: किसी जमाने में नौकरी पाने की पहली कड़ी रिज्यूमे हुआ करता था. हालांकि अब भी यह चल रहा है, लेकिन इसके स्वरूप में परिवर्तन आने लगा है. दुनिया में पहली ऑफिसियल रिज्यूमे लियो नार्दो द विंची ने 1482 में लिखी थी. इसके बाद से यह रिज्यूमे चल रहा है. इसका इस्तेमाल नौकरी की पहली […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
बोकारो: किसी जमाने में नौकरी पाने की पहली कड़ी रिज्यूमे हुआ करता था. हालांकि अब भी यह चल रहा है, लेकिन इसके स्वरूप में परिवर्तन आने लगा है. दुनिया में पहली ऑफिसियल रिज्यूमे लियो नार्दो द विंची ने 1482 में लिखी थी. इसके बाद से यह रिज्यूमे चल रहा है. इसका इस्तेमाल नौकरी की पहली कड़ी के रूप में किया जा रहा है. जॉब साइट्स, रिक्रूटर, नौकरी देने वाले मैनेजर रिज्यूमे को स्क्रिनिंग की पहली कड़ी के रूप में इस्तेमाल करते हैं.
जबकि इससे न तो रियलिटी की जांच हो पाती है और न ही उम्मीदवार के अनुभव को इसके आधार पर आंका जा सकता है. एक खास जॉब के लिए, खास व्यक्ति के द्वारा भेजे गये रिज्यूमे मात्र को देख कर उसे नौकरी के लायक आंकना आसान नहीं होता है. हाल के रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि परंपरागत रिज्यूमे पर मात्र छह से 10 सेकेंड का समय दिया जाता है. 61 फीसदी रिक्रूटर टाइपिंग की गलतियों को देखते ही रिज्यूमे पर ध्यान नहीं देते हैं. मात्र 17 फीसदी रिक्रूटर ही रिज्यूमे के साथ भेजे गये कवर लेटर को पढ़ते हैं. इन सब बातों से स्पष्ट हो जाता है कि अब रिज्यूमे का जमाना जा रहा है. यही वजह की अब रिज्यूमे बायोफी में तब्दील होने लगा है. जहां परंपरागत रिज्यूमे में आने वाली तमाम गलतियों से बचने की उम्मीद होती है. यहां खास जॉब के लिए आपके रिज्यूमे को मौजूदा तकनीक की मदद से प्रभावशाली बनाया जाता है. इसे एक रिक्रूटर जब चाहे जहां चाहे ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड में देख सकता है.
क्या है बायोफी रिज्यूमे
रिज्यूमे का बायोफी स्वरूप दरअसल बायोफी डॉट कॉम का प्रोडक्ट है. बायोफी डॉट कॉम अन्य रिक्रूटर साइट्स की तरह ही काम करता है. इसमें आपके पर्सनल प्रोफाइल को ऑनलाइन स्टैंडर्ड डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत किया जाता है. चूंकि यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दाेनों मोड में काम करता है इसलिए इसमें फिजिकल लोकेशन को जोड़ते हुए परंपरागत रिज्यूमे की कमियों को दूर किया जाता है. यहां आपका एक वीडियो तैयार किया जाता है. इस वीडियो में आपके पर्सनल स्किल्स, पर्सनल इंटरव्यू और ग्रुप एक्सरसाइज आदि को शामिल किया जाता है. ये चीजें रिक्रूटर के सामने आपके पर्सनालिटी को बेहतर स्वरूप प्रदान करते हुए प्रस्तुत करता है.
ऐसे काम करता है बायोफी
अगर आपकाे अपना बायोफी तैयार करना है, तो इसके लिए आपको बायोफी डॉट कॉम पर खुद को रजिस्टर करना होगा. बायोफी की पूरी प्रक्रिया छह चरणों में पूरी की जाती है. प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन से शुरू होती है. उसके बाद आपसे तमाम तरह की जानकारी ली जाती है. बायोफी तीन ग्रुप में काम करती है. यह उम्मीदवार, रिक्रूटर और काॅलेज स्टूडेंट्स के लिए उनकी जरूरत के हिसाब से बायोफी तैयार करती है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >