तिहरे हत्याकांड में दो दोषी, सजा आठ को

वर्ष 2009 में हरला थाना क्षेत्र में हुई थी मिथुन, संजीव व रघुवीर की हत्या... गड्ढे में गाड़ दिया था शवों को बोकारो : हरला थाना क्षेत्र में वर्ष 2009 में संजीव पति, मिथुन सिंह व रघुवीर यादव की हत्या के मामले में शनिवार को अदालत ने करमाटांड़ के लाल बाबू मांझी (32 वर्ष) और […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 4, 2017 4:02 AM

वर्ष 2009 में हरला थाना क्षेत्र में हुई थी मिथुन, संजीव व रघुवीर की हत्या

गड्ढे में गाड़ दिया था शवों को
बोकारो : हरला थाना क्षेत्र में वर्ष 2009 में संजीव पति, मिथुन सिंह व रघुवीर यादव की हत्या के मामले में शनिवार को अदालत ने करमाटांड़ के लाल बाबू मांझी (32 वर्ष) और महुआर निवासी शंकर रवानी (34 वर्ष) को दोषी करार दिया है. अपर जिला व सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत ने दोनों को अपहरण, हत्या व साक्ष्य छुपाने में दोषी करार दिया है. सजा आठ जून को सुनायी जायेगी. मामला सेशन ट्रायल संख्या 279/10 के तहत चल रहा था.
घटना नौ सितंबर 2009 की रात लगभग 8.30 बजे की है. तीनों लोग एक ही बाइक से कहीं जा रहे थे. इनका लोहा तस्करी को लेकर हत्यारों के साथ विवाद चल रहा था. सेक्टर 9 बसंती मोड़ के समीप पेट्रोल पंप के पास से हत्यारे तीनों को पकड़ कर पास के पॉल्ट्री फार्म के पीछे ले गये. लाठी-डंडा से पिटाई कर हत्या कर दी गयी. हटिया मोड़ स्थित तालाब के पास गड्ढा कर तीनों के शवों को गाड़ दिया गया. 30 सितंबर को पुलिस ने उक्त मामले में संदेह के आधार पर दासो मांझी से पूछताछ की तो उसने पूरी घटना की जानकारी दी. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शवों को भी बरामद किया था.