राकेश वर्मा, बेरमो : ऐसे तो बेरमो कोयला क्षेत्र से कोयले की चोरी व तस्करी कोई नयी बात नहीं है. लेकिन, पिछले कुछ दिनों से यहां कोयले की चोरी व कोयले की तस्करी ज्यादा बढ़ गयी है. कोयला चोरी व तस्करी को लेकर कहीं दो गुटों के बीच फायरिंग हो रही है तो कहीं कोयला चोरों व सुरक्षाकर्मियों में झड़प हो रही है. हर दिन पूरे बेरमो कोयलांचल से हजारों टन कोयले की चोरी हो रही है, जिसे गंतव्य स्थानों में जमा करने के बाद कोयला तस्करों के द्वारा ट्रकों के माध्यम से बाहर की मंडियों में भेजा जा रहा है. बेरमो कोयलांचल अंतर्गत सीसीएल के तीन एरिया बीएंडके, ढोरी व कथारा के रेलवे साइडिंग व कोल स्टॉक स्थल से सीआइएसएफ व सीसीएल के सुरक्षाकर्मियों की मौजदूगी के बावजूद हजारों टन कोयले की चोरी हो रही है. खासकर कथारा एरिया अंतर्गत जारंगडीह रेलवे साइडिंग तथा ढोरी एरिया अंतर्गत अमलो व तारमी रेलवे साइडिंग व कोल स्टॉक से कोयला चोरी मुख्य शरणस्थली बन गया है. हर दिन सीआइएसएफ व सीसीएल के सुरक्षाकर्मी छापामारी कर सैकड़ों टन कोयला जब्त कर रहे हैं. लेकिन, कोयला चोरी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. दूसरी और हाल के दिनों से यहां कोयला तस्करी के धंधे को भी बखूबी अंजाम दिया जा रहा है,बेरमो के अलावा गोमिया, नावाडीह तथा ऊपरघाट, चंद्रपुरा के दुगदा से रोजाना कई ट्रक कोयला बाहर की मंडियों में भेजा जा रहा है. गाहे-बेगाहे पुलिस व खनन विभाग छापामारी कर अवैध कोयला लदे ट्रक व ट्रैक्टर को जब्त भी कर रही है लेकिन धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है.
कोयला चोरी का मुख्य स्थल
सीसीएल बीएंडके एरिया: खासमहल कांटा घर के निकट अहले सुबह 3-4 बजे से कोयला चोरी शुरु हो जाता है. कारो सात नंबर, पुराना वर्कशॉप के अलावा पेलोडर लगे स्थलों से रोजाना को.कोयला चोरी होता है. यहां से साइकिल व बाइक के माध्यम से कोयला ऊपरघाट के पलामू सहित अन्य इलाके में ले जाया जाता है.
सीसीएल कथारा एरिया: जारंगडीह रेलवे साइडिंग,जारंगडीह कांटा घर और जारंगडीह माइंसकथारा कोलियरी तथा कथारा वाशरी कोल स्टॉक के अलावा स्वांग-गोविंदपुर माइंस से
सीसीएल ढोरी एरिया: अमलो रेलवे साइडिंग व अमलो कोल स्टॉक, तारमी रेलवे साइडिंग व तारमी कोल स्टॉककई स्थानों पर चल रहा अवैध डिपो
बेरमो, गोमिया व नावाडीह के कई इलाकों में कोयले का अवैध डिपो का भी संचालन किया जा रहा है. इन अवैध डिपिओं में कोयला जमाकर फिर इसे बाहर क मंडियों में भेजा जाता है.अवैध उत्खनन स्थलों को डोजरिंग का भी चल रहा है अभियान
हाल के दिनों से प्रशासन, सीसीएल प्रबंधन व खनन विभाग द्वारा बेरमो,गोमिया, नावाडीह तथा दुगदा के इलाके में कोयले के अवैध उत्खनन स्थलों को भी डोजरिंग कर बंद कराया जा रहा है. कई स्थानें पर तो इतना गहरा सुंरग है कि लोग जान हथेली पर रखकर सूरंग के् अंदर घुसकर कोयला काटकर बारह लाकर जमा करते है.अवैध कोयला खनन के लिए बनाये मुहानों को ध्वस्त करने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने किया विरोध
महुआटांड़. बोकारो डीसी के निर्देश पर गोमिया प्रखंड अंतर्गत पचमो पंचायत के बघरैया में सोमवार को अवैध कोयला खनन के लिए बनाये मुहानों को बंद व ध्वस्त करने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया. डोजर मशीन को रोक दिया तथा केबीपी परियोजना प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की. ग्रामीणाें ने कहा कि कार्रवाई का समर्थन करते हैं, लेकिन इस कार्य में केबीपी परियोजना के एमडीओ के किसी भी पदाधिकारी व कर्मचारी को शामिल नहीं किया जाये. ना ही उस कंपनी की मशीनों का उपयोग किया जाये. केबीपी परियोजना के किसी पदाधिकारी को गांव में घुसने नहीं दिया जायेगा. इधर, सूचना मिलने पर बेरमो एसडीओ मुकेश मछुआ, एसडीपीओ बीएन सिंह, खनन पदाधिकारी सहित कई अधिकारी रहावन पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन ग्रामीण नहीं माने. इसके बाद रहावन ओपी में जिला स्तरीय संयुक्त जांच कमेटी के पदाधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई. वार्ता में ग्रामीणों ने वही मांग र रखी और कहा कि अवैध मुहानों को ध्वस्त करने के बाद चार दिनों के भीतर सभी मशीनों को हटाया जाये, अवैध मुहानों को बंद कराने में प्रशासन और सीसीएल के पदाधिकारी रहे और स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार दिलाने की दिशा में सीसीएल से ठोस पहल करने पर बल दिया जाये. ग्रामीणों के इस मांग पर प्रशासन ने सहमति जतायी. इसके बाद मामला शांत हुआ. वार्ता में जिला खनन पदाधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, रहावन ओपी प्रभारी जयप्रकाश एक्का, वनरक्षी अजित कुमार मुर्मू, विकास कुमार महतो तथा ग्रामीण लालदेव महतो, कौशल किशोर महतो, धनेश्वर रंजन, टीकेश्वर चौधरी, अशोक महतो सहित सीसीएल के अधिकारी शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

