डीवीसी चेयरमैन ने बोकारो थर्मल के ऐश पौंड की स्थिति पर नाराजगी जतायी

डीवीसी चेयरमैन ने बोकारो थर्मल के ऐश पौंड की स्थिति पर नाराजगी जतायी

By Prabhat Khabar News Desk | April 20, 2024 11:27 PM

बोकारो थर्मल. डीवीसी चेयरमैन एस सुरेश कुमार शनिवार को दिन लगभग साढ़े दस बजे बोकारो थर्मल नूरीनगर स्थित डीवीसी के ऐश पौंड पहुंचे. उनके साथ मेंबर टेक्निकल एम रघुराम, मुख्य महाप्रबंधक सुभाष सिंह भी थे. बोकारो थर्मल के एचओपी आनंद मोहन प्रसाद, वरीय जीएम एफजीडी एसएन प्रसाद ने पौधा देकर चेयरमैन व मेंबर टेक्निकल का स्वागत किया. बाद में चेयरमैन अधिकारियों के साथ ऐश पौंड स्थित रिकवरी सिस्टम, सेटलिंग पौंड देखने पहुंचे. चेयरमैन व मेंबर टेक्निकल ने ऐश पौंड से ज्यादा उड़ रही छाई एवं पौंड में चारों ओर बिखरी छाई पर नाराजगी जताते हुए सिविल के डीजीएम विश्वमोहन गोस्वामी सहित राहुल उरांव, पवन कुमार आदि को डांट लगायी. चेयरमैन ने पूछा तो डीजीएम सिविल ने कहा कि पौंड की स्थिति बेहतर है. दुबारा पूछने पर भी डीजीएम सिविल ने यही बात दुहरायी तो चेयरमैन ने उनकी बात को मोबाइल में रिकाॅर्ड कर लिया. मेंबर टेक्निकल ने स्थानीय एचओपी से डीजीएम सिविल को लंबी छुट्टी पर भेजने की भी बात कही. चेयरमैन ने एचओपी को कहा कि पौंड के रिकवरी पंप से गार्ड लैंडिंग पाइप लाइन द्वारा उड़ने वाली छाई को नियंत्रित किया जा सकता है. डीजीएम सिविल द्वारा इस सिस्टम के सफल नहीं होने की बात कही गयी तो मेंबर टेक्निकल ने उन्हें एनटीपीसी के दूसरे प्रोजेक्टों में जाकर देखकर आने की बात कही. चेयरमैन ने स्थानीय स्तर पर ट्रैक्टरों से ऐश पौंड पर जल छिड़काव कराने की भी बात कही. पौंड से उड़ रही छाई के कारण सभी को मास्क लगाना पड़ा. उन्होंने निर्देश दिया कि पांच माह के दरम्यान पौंड पूरी तरह खाली होता रहना चाहिए. वर्तमान में जो स्थिति है, उससे लगता है कि पौंड दस दिनों में ही भर जायेगा. मेंबर टेक्निकल ने एचओपी एवं डीजीएम सिविल को निर्देश दिया कि हजारीबाग में बंद पड़े स्टोन क्वायरी में छाई फेंकने को लेकर हजारीबाग के डीएफओ, डीएमओ एवं डीसी से मिलकर पहल करें. मौके पर डीवीसी के जीएम ओएंडएम एस भट्टाचार्य, जीएम विद्युत एस भद्रा, डीजीएम प्रशासन बीजी होलकर, वरीय प्रबंधक मैकेनिकल मनीष कुमार चौधरी, सिविल अभियंता अमित कुमार, स्थानीय थाना के सअनि अरविंद मेहता, बैजुन मरांडी जवानों के साथ थे.

डीवीसी की बेरमो माइंस के हस्तांतरण के बाद सीसीएल कई प्रक्रियाएं नहीं कर रही पूरी :

गांधीनगर. डीवीसी चेयरमैन ने शनिवार को डीवीसी की बेरमो माइंस का निरीक्षण किया. यह माइंस आठ वर्षों से बंद है. चेयरमैन ने अन्य अधिकारियों के साथ बंद उत्खनन स्थल का अवलोकन किया और माइंस की स्थिति से अवगत हुए. अधिकारियों से माइंस के क्षेत्रफल के बारे में जानकारी ली. इसके बाद सीसीएल की कारो माइंस के समीप डीवीसी बेरमो माइंस के अंतिम मुहाना क्षेत्र में भी गये, जहां माइंस के गिराये गये ओबी स्थल को भी देखा तथा माइंस के मैप का अवलोकन किया. पत्रकारों से बातचीत में चेयरमैन ने कहा कि डीवीसी की बेरमो माइंस को कुछ वर्ष पूर्व सीसीएल को हस्तांतरण जरूर किया गया था, परंतु इसके बाद कई प्रक्रियाएं पूरी नहीं की जा रही है. इसके कारण कोयला उत्खनन शुरू नहीं हो पा रहा है. सीसीएल को भी इस मामले में गंभीर होना होगा. इस माइंस में अभी भी 130 मिलियन कोयला है. माइंस से जल्द कोयला उत्पादन शुरू कराने को लेकर डीवीसी गंभीर है, इसके लिए पहल की जायेगी. मौके पर मेंबर टेक्निकल एम रघुरान, टीपीए टू चेयरमैन सुभाष सिंह, इडी माइनिंग जेके मांडिया, डीजीएम माइनिंग मिथिलेश कुमार, सहायक मैनेजर एए अशरफी, सुपरवाइजर प्रशांत कुमार, इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर आदि उपस्थित थे .

Next Article

Exit mobile version