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पदमा: पदमा साई सेंटर में बच्चों के लिए खेल का प्रशिक्षण शुरू हो गया है. आठ साल से बनकर तैयार प्रशिक्षण केंद्र उदघाटन की बाट जोहता रहा. अंतत: सेंटर का उदघाटन नहीं हुआ, लेकिन 16 साल से कम आयु वर्ग के 45 बच्चों के लिए यहां प्रशिक्षण का काम शुरू हुआ. युवाओं को तीरंदाजी, फुटबॉल, […]

पदमा: पदमा साई सेंटर में बच्चों के लिए खेल का प्रशिक्षण शुरू हो गया है. आठ साल से बनकर तैयार प्रशिक्षण केंद्र उदघाटन की बाट जोहता रहा. अंतत: सेंटर का उदघाटन नहीं हुआ, लेकिन 16 साल से कम आयु वर्ग के 45 बच्चों के लिए यहां प्रशिक्षण का काम शुरू हुआ. युवाओं को तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स समेत अन्य खेलों के लिए प्रशिक्षण दो वर्ष के लिए दिया जा रहा है.

सेंटर प्रभारी जगन टोप्पो सह हॉकी कोच व एथलेटिक्स कोच शांतनु मजुमदार बच्चों को ट्रेनिंग दो रहे हैं. सुबह 5:30 से 9:30 बजे तक व शाम 3:30 से 5:30 बजे तक सेंटर के अधूरे मैदान में फिलहाल फिटनेस की तैयारी बच्चों को दी जा रही है. वर्ष 2017-18 में 16 वर्ष से कम आयु के कुल 130 लड़के व लड़कियों का चयन किया गया था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था व महिला कर्मी नहीं होने के कारण लड़कियों को प्रशिक्षण के लिए अभी नहीं बुलाया गया है.

बिहार, झारखंड व ओड़िशा का मुख्य केंद्र होगा: पदमा साईं प्रभारी जगन टोप्पो ने बताया कि छह माह में सभी तरह की व्यवस्था कर सेंटर को पूर्ण रूप से चालू किया जायेगा. भारतीय खेल प्रधिकरण, नयी दिल्ली की ओर से 130 नये कोच की बहाली की गयी है. कोच मिलने के बाद सभी खेलों के लिए रूटीन के अनुसार प्रशिक्षण दिया जायेगा. सुरक्षा के लिए स्थानीय निबंधित सुरक्षाकर्मियों की बहाली के लिए टेंडर निकाला गया है. साथ ही महिला कर्मियों की भी मांग की गयी है. सभी सुविधा देने के बाद सत्र 2018-19 में पदमा में नये बच्चों का चयन किया जायेगा.
आठ साल पहले आया था 20 करोड़ रुपये का खर्च : पदमा साई सेंटर का निर्माण करोड़ों रुपये खर्च कर हो रहा है. पदमा साई सेंटर के निर्माण में आठ वर्ष पहले लगभग 20 करोड़ रुपया खर्च हुआ था. आठ साल में सेंटर की स्थित जर्जर हो गयी थी. जैसे ही सेंटर को चालू किया गया, उसके सभी भवनों व मैदान को करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र बनाया जा रहा है. प्रशासनिक भवन, छात्रावास व आवास की मरम्मत की जा रही है. फुटबॉल मैदान को नया स्वरूप दिया जा रहा है. हॉकी मैदान व वॉलीबॉल कोट बनाया जा रहा है. तीरंदाजी के आधुनिक शेड और मैदान का भी निर्माण हो रहा है. चहारदीवारी के ऊपर लोहे का कंटीला ग्रिल लगाया जा रहा है.
स्थानीय बच्चों को प्राथमिकता मिलेगी
जगन टोप्पो ने बताया कि सेंटर में प्रशिक्षण के लिए स्थानीय बच्चों को प्रमुखता दी जायेगी. इसके अलावा स्थानीय प्रतिभावान बच्चे को नियम में ढील देकर उसे विशेष रूप से मौका दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य पदमा सेंटर से विश्व स्तर का खिलाड़ी तैयार करना है. दो साल प्रशिक्षण के बाद सिर्फ होनहार बच्चों को ही रखा जायेगा. अगले साल से इन बच्चों को स्थानीय विद्यालय में नामांकन करवाया जायेगा. उनकी पढ़ाई का सारा खर्च विभाग उठायेगा.
बच्चों को मेनू के अनुसार भोजन
पदमा सेंटर में ट्रेनिंग कर रहे बच्चों को मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन दिया जाता है. आहार में दूध, अंडा, मांस, मछली, काजू-किसमिस आदि भी दिये जाते हैं. भोजन तैयार करने के लिए आधुनिक रसोई घर भी बनाया गया है. यहां सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है.

Prabhat Khabar Digital Desk
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