धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसानों को हो रही क्षति

त्र सरकार के संवेदनहीनता के कारण किसानों को हो रहा नुकसान जोरी. हंटरगंज प्रखंड में अब तक धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है़ एक ओर मौसम की बेरुखी के कारण धान का उत्पादन कम हुआ, दूसरी ओर क्रय केंद्र नहीं खुलने से धान का उचित मूल्य किसानों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 17, 2014 8:02 PM

त्र सरकार के संवेदनहीनता के कारण किसानों को हो रहा नुकसान जोरी. हंटरगंज प्रखंड में अब तक धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है़ एक ओर मौसम की बेरुखी के कारण धान का उत्पादन कम हुआ, दूसरी ओर क्रय केंद्र नहीं खुलने से धान का उचित मूल्य किसानों को नहीं मिल रहा है़ किसान बिचौलियों के हाथों औने-पौने दाम में धान बेचने को मजबूर हैं. पिछले वर्ष सहकारिता पैक्स के माध्यम से किसानों ने 1350 रुपये प्रति क्विंटल धान की बिक्री की थी़ इस बार किसान 1000-1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बचने को मजबूर हैं. किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में 250-350 रुपये प्रति क्विंटल नुकसान हो रहा है. किसान ललन सिंह, सूर्य भूषण कुमार, विजय सिंह, रामप्रसाद यादव, विनोद यादव, रंजीत वर्मा आदि ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर सरकार हमेशा संवेदनहीन रही है़ इस कारण किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं़ कोई निर्देश नहीं मला : बीसीओ बीसीओ महेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि सरकार से निर्देश मिलने के बाद ही धान क्रय केंद्र खोला जायेगा़ अब तक सरकार से इस तरह का कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है.