बड़ी बेटी को आइएएस बनाना चाहते थे इंद्रदेव

चतरा : पत्रकार इंद्रदेव यादव की पत्नी बबीता देवी की आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. जब जब लोग उसे मिलने घर जाते हैं, तो लोगों को देख कर रोने लगती है. उसे देख मिलने गये लोगों की आंखें नम हो जा रही है. लोग सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 17, 2016 5:46 AM
चतरा : पत्रकार इंद्रदेव यादव की पत्नी बबीता देवी की आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. जब जब लोग उसे मिलने घर जाते हैं, तो लोगों को देख कर रोने लगती है. उसे देख मिलने गये लोगों की आंखें नम हो जा रही है.
लोग सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन पति के साथ बिताये एक-एक पल को याद कर रोने लग रही है. बबीता कहती है कि अब रविया कैसे हमर फोटो खिंचतई. पर्व त्योहार पर रवि फोटो लेने उसके घर जाता था. साथ में उसके पति भी रहते थे. धनगांय गांव में इंद्रदेव यादव के कई पत्रकार दोस्त, रिश्तेदार, सगे-संबंधी उनके परिजनों से मिलने हर रोज पहुंच रहे हैं. बबीता ने बताया कि उनके पति बड़ी बेटी को पढ़ा लिखा कर आइएएस बनाना चाहते थे.
काफी मेहनत कर अपनी बच्ची को तिलैया के एक स्कूल में पढ़ा रहे थे. इंद्रदेव को दो पुत्री व एक पुत्र है. चतरा के नगवां मुहल्ला में स्थित आवास पर सन्नाटा छाया है. जब इंद्रदेव जिंदा थे, तो हमेशा घर पर भीड़ लगी रहती थी. इतना ही नहीं उसके घर से होकर गुजरने वाले लोगों को भी अपने घर बुलाकर इंद्रदेव हालचाल पूछते थे. इंद्रदेव की हत्या से पूरा मुहल्ला सदमा में है.