आपदा की आहट: सिकटिया बराज का पानी खतरे के निशान से ऊपर

चितरा: भारी बारिश के कारण अजय नदी पर बने सिकटिया बराज में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए बराज के चार गेट खोल दिए गए हैं. इस संबंध में साइट इंचार्ज विकेश कुमार ने कहा कि चारों गेट से लगभग 20 हजार क्यूसेक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 31, 2017 8:29 AM
चितरा: भारी बारिश के कारण अजय नदी पर बने सिकटिया बराज में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए बराज के चार गेट खोल दिए गए हैं. इस संबंध में साइट इंचार्ज विकेश कुमार ने कहा कि चारों गेट से लगभग 20 हजार क्यूसेक लीटर पानी छोड़ा जा रहा है.

कहा कि केनाल गेट में दो मीटर से ज्यादा पानी जमा हो जाने पर गेट से पानी ओवर फ्लो करने लगता है. इसलिए केनाल गेट के लेबल से देढ़ मीटर तक पानी रखना पड़ता है. इसके लिए बराज कर्मी पाली के हिसाब से 24 घंटे पहरा देते रहते हैं. जिससे किसी प्रकार की अनहोनी न हो. इस मौके पर बराज कर्मी अजय सिंह, फाल्गुनी सिंह, बच्चू सिंह, प्रभाकर सिंह आदि मौजूद थे.

बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त
सारवां. प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही झमाझाम बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. वहीं क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं. सभी तालाब एवं आहर लबालब भर गए हैं. किसान कहते हैं कि इतनी झमाझम बारिश से भले ही खेतों, नदियों, नालों व तालाबों का पेट भर गया है लेकिन धान रोपाई किये गये खेत नजर ही नहीं आते हैं. ज्यादा देर तक अगर खेतों में पानी का जमाव रहा तो धान के बिचड़े के गलने का खतरा पैदा हो जायेगा. जिससे किसानों को भारी क्षति का सामना करना पड़ेगा. भारी बारिश का असर खेती बारी पर पड़ रहा है. किसान खेती कार्य नहीं कर पा रहे हैं. वहीं खेतों में लगी हरी मिर्च एवं अन्य सब्जियों की फसलें गलने लगी हैं. जिसका असर सब्जी के दाम पर पड़ना निश्चित हो गया. कहा कि यही हाल रहा तो लोगों को पाकेट में सब्जी खरीद कर ले जाना पडेगा.