एनजीटी में अटका देवघर के 22 बालू घाटों का मामला, ऑनलाइन चालान बंद अवैध बालू खनन बढ़ा

देवघर: नदियों वैध तरीके से बालू उठाव का रास्ता अभी तक देवघर में साफ नहीं हुआ है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) द्वारा मॉनसून के दौरान 12 जून से 15 अक्तूबर तक नदियों से बालू खनन पर रोक की समय सीमा समाप्त होने के बाद अभी भी देवघर की 22 बंदोबस्त बालू घाटों से खनन का निर्देश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 19, 2017 8:26 AM
देवघर: नदियों वैध तरीके से बालू उठाव का रास्ता अभी तक देवघर में साफ नहीं हुआ है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) द्वारा मॉनसून के दौरान 12 जून से 15 अक्तूबर तक नदियों से बालू खनन पर रोक की समय सीमा समाप्त होने के बाद अभी भी देवघर की 22 बंदोबस्त बालू घाटों से खनन का निर्देश नहीं दिया गया है.
इस वजह से खनन विभाग से ऑनलाइन माइनिंग चालान नहीं निर्गत किया जा रहा है, ऑनलाइन चालान निर्गत नहीं होने से बंदोबस्त बालू घाट से बालू का खनन नहीं हो रहा है, जिसका फायदा अवैध बालू कारोबार उठा रहे हैं. जिले भर के कई घाटों से अवैध ढंग से रोज सैकड़ों की संख्या में अवैध ढंग से बालू का खनन तेजी से चल रहा है. इससे सरकार को रोजाना लाखों के राजस्व की क्षति पहुंच रही है. देवघर जिले में सर्वाधिक बुढ़ई घाट, बीरनियां घाट, चांदडीह घाट आदि जगहों से बालू का अवैध खनन चल रहा है. बुढ़ई घाट में तो पुल के समीप से रोज सैकड़ों ट्रैक्टर अवैध ढंग से बालू खनन हो रहा है.
2016 में एनजीटी में हुई थी शिकायत
दरअसल 2016 में मॉनसून सत्र के दौरान नदियों से बालू खनन की शिकायतवाद भागलपुर के मेसर्स रुरल डेवलपमेंट मार्केटिंग लिमिटेड ने एनजीटी में दर्ज करायी थी, उक्त शिकायत के बाद एनजीटी द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद देवघर के तत्कालीन डीसी व डीएमओ एनजीटी के कोलकाता स्थित कार्यालय में भी उपस्थित हुए थे, इस शिकायतवाद का निबटारा अभी तक नहीं हुआ है. हालांकि एनजीटी द्वारा 15 अक्तूबर के बाद खनन विभाग को ऑनलाइन चालान निर्गत नहीं करने से संबंधित कोई निर्देश नहीं दिया गया है, बावजूद खनन विभाग एनजीटी में दर्ज शिकायत का निबटारा से पहले अन्य बंदोबस्त घाट का ऑनलाइन माइनिंग चालान निर्गत करने से परहेज कर रही है. जिसका फायदा अवैध बालू कारोबारी जम कर उठा रहे हैं.

Next Article

Exit mobile version