चार साल पहले हुआ शिलान्यास, नहीं बनी सड़क

सारवां: कुशमाहा पांचायत अतर्गत छह सौ की आबादी वाले गांव ऊपरबहियारी के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हो पायी हैं. इसके कारण आज भी लोग कच्ची व ऊबड़-खाबड़ सड़क से आने-जाने को मजबूर हैं, जबकि गांव के दोनों ओर मुख्य सड़क की दूरी मात्र एक किलोमीटर है. विशेष कर बरसात में गांव के लोगों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 28, 2017 11:37 AM
सारवां: कुशमाहा पांचायत अतर्गत छह सौ की आबादी वाले गांव ऊपरबहियारी के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हो पायी हैं. इसके कारण आज भी लोग कच्ची व ऊबड़-खाबड़ सड़क से आने-जाने को मजबूर हैं, जबकि गांव के दोनों ओर मुख्य सड़क की दूरी मात्र एक किलोमीटर है. विशेष कर बरसात में गांव के लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है.
इस संबंध में गांव के बसीर अंसारी, मुबारक अंसारी, मुस्लिम अंसारी, सोहराब अंसारी, इजहार अंसारी, मकसूद अंसारी, तसलीम अंसारी, मुर्शीद अंसारी, मनोज राय, ताहिर अंसारी, समसुल अंसारी, रियाज अंसारी, शरीफ अंसारी, अनवर अंसारी, बहारुद्दीन अंसारी, सद्दाम अंसारी, मंजूर अंसारी, काउस अंसारी, लतीफ अंसारी आदि ने कहा आजादी के बाद आज तक गांव के लोग कच्ची गड्ढे युक्त सड़क से बाजार या बाहर जाने को मजबूर हैं .

कहा कि चार साल पहलेे सांसद निशिकांत दुबे ने जगमनडीह से बेहराकनारी मोड़ तक 2.5 किलोमीटर की इस सड़क का शिलान्यास किया था तो आस जगी थी कि अब परेशानी खत्म हो जायेगी, लेकिन आज तक सड़क नहीं बन सकी. गांव में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता है या महिलाओं को प्रसव वेदना से अस्पताल ले जाने की आवश्यकता होती है तोे खटिया पर लाद कर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है.

नहीं तो झोला छाप डॉक्टरों के भरोसे इलाज होता है. वहीं शादी ब्याह के मौसम में तो बारात को गांव के बाहर ही गाड़ी छोड़ कर पैदल जाना पड़ता है. जगमनडीह से ऊपरबहियारी होकर बेहराकनारी मोड़ तक ढाई किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे रहने के कारण अक्सर बाइक सवार के अलावा तीन पहिया वाहन उलट जाते हैं, जिससे दर्जनों बार लोग घायल हो चुके हैं. खास कर बरसात के दिनों में यह गांव टापू सा बन जाता है. ग्रामीणों की बात तो छोड दें तो बाहर से आने वाले संबंधियों को भारी फजीहत का सामना करने के बाद गांव पहुंच पाते हैं. उन लोगों ने जनप्रतिनिधियों से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग की है.

कहते हैं विधायक
विधायक बादल ने कहा कि ग्रामीणों ने आवेदन दिया है. प्राथमिकता के आधार पर गांव में छह माह के अंदर सड़क की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.