बदहाली. प्रोजेक्टर जलने से बेकार हुई साढ़े तीन करोड़ की योजना, मरम्मत में खर्च होंगे एक करोड़
देवघर : शिल्पग्राम में काफी ताम-झाम के साथ राज्य के बेहतर लाइट एंड साउंड शो सिस्टम का उद्घाटन फरवरी 2015 में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया था. पर्यटन विभाग से करीब 3.5 करोड़ की लागत से तैयार लाइट एंड साउंड शो सिस्टम महज एक वर्ष के अंदर बेकार हो गया. एक वर्ष पहले वज्रपात होने से लाइट एंड साउंड शो का वाटर फॉल प्रोजेक्टर समेत कई इस्ट्रूमेंट जल गये हैं.
चार माह पूर्व दिल्ली से आयी तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने जांच कर इसकी मरम्मत के लिए पर्यटन विभाग को प्राक्कलन तैयार कर प्रस्ताव भेज दिया. पर्यटन विभाग के अनुसार इस सिस्टम की मरम्मत में करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आना है, लेकिन पर्यटन विभाग इसमें पूरी तरह से उदसीन है. मरम्मत के प्रस्ताव की फाइल रांची में पर्यटन विभाग के कार्यालय में धूल फांक रही है.
40 फीट वाटरफॉल में लाइट शो का लुत्फ
एक वर्ष तक लाइट एंड साउंड शो पर्यटकों को काफी आकर्षित करता रहा. 40 फीट वाटर फॉल में म्यूजिक के साथ रंग-बिरंगे लाइट में बैद्यनाथधाम की कथा दर्शायी जाती थी. पानी में लाइट के जरिये भगवान शिव व पार्वती की प्रतिमूर्ति प्रदर्शित की जाती थी.
अधिकांश इक्विपमेंट चाइनीज
वज्रपात की वजह से वाटर फॉल प्रोजेक्टर समेत वायरिंग, सीपीयू समेत कुल 17 छोटे-छोटे इक्विपमेंट जल चुके हैं. बताया जाता है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में अधिकांश इक्विपमेंट चाइनीज थे, जिस कारण वज्रपात के केवल झटके से शॉर्ट सर्किट हुआ और इक्विपमेंट जल गये.
वर्ष में 6.18 लाख रु. आय
लाइट एंड साउंड शो से 31 जुलाई 2016 तक पर्यटन विभाग को 6.18 लाख रुपये आय प्राप्त हुआ है. 50 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से 30 मिनट का यह शो मनोरंजन से लोगों को उत्साहित करता था. श्रावणी मेला में सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र लाइट एंड साउंड शो था.
उपप्रबंधक बोले
केंद्र सरकार की आइटीडीसी के जरिए लाइट एंड साउंड शो को स्थापित किया गया था, इसमें राज्य सरकार ने राशि मुहैया करायी थी. वज्रपात से प्रोजेक्टर जलने के बाद एजेंसी ने जांच कर करीब एक करोड़ का प्राक्कलन भेजा है. राज्य सरकार से पर्यटन विभाग ने आइटीडीसी को फाइल भेज दी है. अगले दो माह में टेंडर कर मरम्मत करायी जायेगी.
– डॉ आलोक प्रसाद, उपप्रबंधक, जेटीडीसी, रांची
