वास्तविक संख्या से काफी कम है आवास निर्माण का जीओ टैगिंग
देवघर : प्रधानमंत्री आवास योजना में अावास निर्माण के कार्यों में मार्गदर्शिका के अनुरूप निर्माण कार्य करना है. सभी आवासों के प्रत्येक चरण का भौतिक सत्यापन जीओ टैग के माध्यम से किया जा रहा है. देवघर नगर निगम के पूर्ण आवासों की जीओ टैगिंग की संख्या और प्राप्त प्रतिवेदन की संख्या में मेल नहीं खा रहा है. लाभुकों के आवास निर्माण का जीओ टैगिंग भौतिक वास्तविक संख्या से काफी कम है.
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत देवघर शहरी क्षेत्र में बन रहे आवास योजना धीमी गति से चल रही है. इसको लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग नाराज है. विभाग के निदेशक आशीष सिंहमार ने पीएमएवाई योजनांतर्गत पूर्ण आवासों का जीओ टेगिंग नहीं कराने पर स्पष्टीकरण मांगा है.
उन्होंने जुगसलाई, दुमका, राजमहल, फुसरो, मिहिजाम को छोड़ कर अन्य सभी निकाय के नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी, विशेष पदाधिकारी को शो-कॉज जारी किया है. निदेकश श्री सिंहमार ने कहा कि सभी जगहों से गलत सूचना भेजी गयी है. वह मेल नहीं खा रहा है. वर्तमान में पूरे प्रांत के पूर्ण आवासों की जीओ टैगिंग की संख्या 7203 है, जबकि प्राप्त प्रतिवेदन में 23850 बताया जा रहा है. इसमें लाभुकों के आवास निर्माण का जीओ टैगिंग भौतिक वास्तविक संख्या काफी कम है.
अत: अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने के आरोप में क्यों नहीं अापके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाये. उनके पत्र से देवघर नगर निगम में हड़कंप मच गया है. इसकी ऊंच्चस्तरीय जांच कराने से बड़ा मामला उजागर होने की संभावना जतायी जा रही है. देवघर नगर निगम की संपूर्ण बोर्ड की बैठक में आवास योजना में गड़बड़ी का मामला उठ चुका है.
