मधुपुर : चंद किताबें बचा रहीं साहित्य का सम्मान

बदहाल स्थिति में रेलवे का फणीश्वरनाथ रेणु पुस्तकालय मधुपुर : खलासी मोहल्ला स्थित एइएन कार्यालय परिसर में पूर्व रेलवे द्वारा संचालित फणीश्वर नाथ रेणु हिंदी पुस्तकालय दयनीय हालत में है. दशकों पूर्व स्थापित यह पुस्तकालय अपनी समृद्धता खो चुकी है. यहां अब नाम मात्र पुस्तक बचे हुए हैं. अधिकतर समय यह पुस्तकालय बंद ही रहता […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 20, 2018 5:54 AM
बदहाल स्थिति में रेलवे का फणीश्वरनाथ रेणु पुस्तकालय
मधुपुर : खलासी मोहल्ला स्थित एइएन कार्यालय परिसर में पूर्व रेलवे द्वारा संचालित फणीश्वर नाथ रेणु हिंदी पुस्तकालय दयनीय हालत में है. दशकों पूर्व स्थापित यह पुस्तकालय अपनी समृद्धता खो चुकी है. यहां अब नाम मात्र पुस्तक बचे हुए हैं. अधिकतर समय यह पुस्तकालय बंद ही रहता है.
पुस्तकालय के अंदर सिर्फ एक लकड़ी के व दो गोदरेज का पुराना अलमारी है. जिसमें गिने चुने पुस्तक ही नजर आ रहे हैं. पुस्तकालय की कई महत्वपूर्ण पुस्तक व रेणु की रचना समय के साथ धीरे-धीरे गायब होते चली गयी. पुस्तकालय में समय के साथ आधुनिक व रोजगार परख पुस्तक भी नहीं मंगाये गये. गिनी-चुनी किताबें ही इसका सम्मान व अस्तित्व बचाकर रखी है. जिस कारण इसका आकर्षण भी कम होता चला गया. अब तो यहां भूले भटके ही लोग आ जाते हैं.
इसकी तंगहाली की हालत यह है कि पुस्तकालय में तीन-चार टेबुल लगे हुए हैं. लेकिन बैठकर पुस्तक पढने के लिए एक भी कुर्सी व बैंच नहीं नजर आया. टेबुल भी दशकों पुराना बना हुआ है.
हालांकि, रेलवे प्रत्येक वर्ष बड़े ही धूमधाम से स्टेशन रोड स्थित रेलवे इंस्टीट्यूट में फणीश्वर नाथ रेणु की जयंती के अवसर पर कवि सम्मेलन, मुशायरा व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को सम्मानित व प्रोत्साहित करता है. रेणु की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को भी मधुपुर में रेलवे की ओर से वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. जिसमें आसनसोल रेल मंडल प्रबंधक पीके मिश्रा समेत जाने माने कवि, शायर और रेल कर्मी भाग लेंगे. लेकिन, पुस्तकालय को तो इंतजार है अपने उद्धार का.
क्या कहते हैं एइएन
पुस्तकालय नियमित रूप से खुलता है. जिसमें रेल कर्मी व इसके बच्चे आते जाते हैं. प्रचार-प्रसार के आभाव में लोग कम आ रहे हैं. यहां तकरीबन एक हजार के आसपास पुस्तक हैं.
संतोष कुमार गुप्ता,
एइन