जर्जर हो चुके गांधी पुस्तकालय (कांग्रेस भवन) को गिरा दिया गया, भवन में कांग्रेस कार्यालय के अलावा चल रही थी सात दुकानें

देवघर : शहर के बीचोबीच टावर चौक के समीप स्थित ऐतिहासिक गांधी पुस्तकालय भवन को जर्जर घोषित करने के बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया. भवन तोड़ने के दौरान विरोध की संभावना को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की टीम पूरी तैयारी के साथ मंगलवार की सुबह पहुंची थी. चार घंटे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
देवघर : शहर के बीचोबीच टावर चौक के समीप स्थित ऐतिहासिक गांधी पुस्तकालय भवन को जर्जर घोषित करने के बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया. भवन तोड़ने के दौरान विरोध की संभावना को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की टीम पूरी तैयारी के साथ मंगलवार की सुबह पहुंची थी.
चार घंटे में गांधी पुस्तकालय भवन को जेसीबी से पूरी तरह गिरा दिया गया. इस भवन में जिला कांग्रेस कार्यालय के अलावा सात दुकानें थी. वहीं दूसरे मंजिल पर कुछ िदनों तक देवघर प्रेस क्लब का कार्यालय भी रहा था. इसमें किसी ने भी पहले से खाली नहीं की थी.
पुलिस-प्रशासनिक टीम ने पहुंचकर पहले एनाउंस किया, फिर जबरन कांग्रेस कार्यालय सहित सभी दुकानों का सामान निकाल कर सड़क पर रख दिया. पुलिस-प्रशासन सुबह आठ बजे से ही तैयारी में लगी थी. करीब दो सौ की संख्या में पुलिसकर्मी थाने में जुटे. फिर आसपास के सभी थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर, सीओ, निगम के अधिकारी, एसडीपीओ व एसडीओ पहुंचे. इसके बाद सभी थाने से निकलकर निगम की जेसीबी के साथ करीब 11:30 बजे गांधी पुस्तकालय भवन के पास आये.
कांग्रेसी नेताओं व दुकानदारों की एक नहीं चली : कुछ कांग्रेसी नेता व दुकानदार पुलिस-प्रशासन की गतिविधि पर नजर रखने के लिए पूर्व से जमे थे. प्रशासनिक अमले के पहुंचने के बाद पहले उनलोगों ने विरोध जताने की कोशिश की, लेकिन इतनी संख्या में पुलिस-प्रशासन को देख उनलोगों ने पीछे हटने में ही भलाई समझी. इसी बीच कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुन्नम संजय पहुंचे. उन्होंने एसडीओ से भवन तोड़ने का निर्णय स्टे होने की बात कही, बावजूद पुलिस-प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी.
रूट डायवर्ट कर तोड़ा गया भवन : गांधी पुस्तकालय भवन तोड़ने की कार्रवाई 11:30 बजे आरंभ हुई, जो 3:30 बजे तक चलती रही. इस दौरान एक तरफ राय एंड कंपनी मोड़ व दूसरी तरफ पोस्टऑफिस मोड़ पर मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया था. दोनों छोर पर पदाधिकारी सहित पुलिस को लगा दिया गया था. आने-जाने वालों को दोनों तरफ से ही डायवर्ट किया जा रहा था. इस कार्रवाई को देखने के लिए काफी भीड़ जमी रही और लोग अपनी-अपनी मोबाइल में भवन तोड़ने को कैद करते रहे.
भारी संख्या में पहुंची थी पुलिस : भवन तोड़ने के दौरान विरोध की संभावना को देखते हुए एसडीओ राम निवास यादव, एसडीपीओ विकास कुमार श्रीवास्तव, सीओ जयवर्द्धन कुमार के अलावा कई थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी व काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे. इसका असर था कि किसी ने विरोध करने की हिम्मत नहीं दिखायी.
इससे पहले गांधी पुस्तकालय भवन तोड़ने के लिए तीन बार पुलिस-प्रशासन की टीम पहुंची थी, लेकिन किसी न किसी कारण से वापस लौटना पड़ा था. इस अवसर पर विधि-व्यवस्था ड्यूटी में जसीडीह थाना प्रभारी डीएन आजाद, देवीपुर थाना प्रभारी पिंकू यादव, सारवां थाना प्रभारी राजीव रंजन, कुंडा थाना प्रभारी एके टोपनो, मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार, रिखिया थाना प्रभारी डॉ संतोष कुमार पांडेय, नगर थाने के एसआइ दिलीप दास, एएसआइ रामानुज सिंह, सत्येंद्र कुमार, भरत सिंह व अन्य मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >