देवघर : नगर पुस्तकालय के दुकान अावंटन में अपने तबादले के आदेश से ठीक पहले देवघर के एसडीओ रामनिवास यादव ने खेल कर दिया. एसडीओ ने 23 अगस्त को नोटिस जारी नगर भवन के दुकान में वर्षों दुकान चलाने वाले एक दिव्यांग व एक महिला को एक सप्ताह के अंदर दुकान खाली करने का निर्देश दिया है. साथ ही दोनों दुकान को खास लोगों के नाम से आवंटित कर दिया है.
नगर पुस्तकालय की जमीन पर निर्मित एक दुकान बरमसिया रिफ्यूजी कॉलोनी की सरिता देवी पिछले 28 वर्षों से दुकान चला रही थी, जबकि दूसरा दुकान अमरेंद्र कुमार चला रहे थे. दुकान खाली करने की नोटिस मिलने के बाद सरिता देवी ने डीसी से पुन: दुकान उनके नाम से आवंटन करने की गुहार लगायी है. सरिता देवी का कहना है कि दुकान संख्या एस/6 की वास्तविक लीजगृहिता कास्टर टाउन निवासी चिता सिंह है. 28 वर्ष पहले चिंता सिंह ने उन्हें मौखिक करार पर दुकान चलाने की जिम्मेदारी दी थी.
उसके बाद छह अक्तूबर 2001 को देवघर कोर्ट नोटरी के समक्ष चिता सिंह ने सरिता देवी के नाम से दुकान लिखित एग्रीमेंट कर दी, साथ ही कहा कि नगर पालिका में इस दस्तावेज को देकर अापके नाम ट्रांसफर करा दूंगी. सरिता देवी लगातार दुकान चलाती रही व उनके नाम से बिजली कनेक्शन भी है. दुकान का ट्रेड लाइसेंस महादेव इलेक्ट्रोनिक्स नगर निगम से निर्गत है.
पूरे परिवार का एकमात्र जीविका यही दुकान है. दिव्यांग अमरेंद्र कुमार का भी यही दुकान जीविका का साधन था, वे एसडीओ के समक्ष दुकान आवंटन पुन: करने के लिए कई बार गिड़गिड़ाये, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. बताया जाता है कि अमरेंद्र कुमार की दुकान ज्ञान शाही के नाम से आवंटित कर दी गयी है, जिनके साथ एसडीओ साहब बैडमिंटन खेला करते थे.
