करोड़ों के कारोबार में मात्र डेढ़ लाख जमा कराया सलाना टैक्स, लोहा व फर्नीचर व्यवसायियों ने की टैक्स में भारी हेराफेरी

देवघर : शहर के झौंसागढ़ी मुहल्ले में आयकर विभाग के चार प्रतिष्ठानों में हुए सर्वे में महज एक वर्ष में 35 लाख रुपये की कर वंचना का खुलासा हुआ है. आयकर विभाग के अधिकारियों ने 18 घंटे के सर्वे में लोहा व फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े विकास इंडस्ट्रीज, नीरु फर्नीचर, पूनम ट्रेडर्स व जेपीआरपी एंड […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 6, 2018 7:44 AM
देवघर : शहर के झौंसागढ़ी मुहल्ले में आयकर विभाग के चार प्रतिष्ठानों में हुए सर्वे में महज एक वर्ष में 35 लाख रुपये की कर वंचना का खुलासा हुआ है. आयकर विभाग के अधिकारियों ने 18 घंटे के सर्वे में लोहा व फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े विकास इंडस्ट्रीज, नीरु फर्नीचर, पूनम ट्रेडर्स व जेपीआरपी एंड नंदी भवन फर्म को 35 लाख रुपये एडवांस टैक्स जमा करने की नोटिस दी है.
इसमें जेपीआरपी एंड नंदी भवन फर्म को 18 लाख, विकास इंडस्ट्रीज को पांच लाख समेत नीरू फर्नीचर व पूनम ट्रेडर्स को शेष राशि जमा करने की नोटिस दी गयी है. आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार विकास इंडस्ट्रीज में स्टॉक शॉर्टेज पाया गया. नीरु फर्नीचर, जेपीआरपी एंड नंदी भवन फार्म में सेल बुक कैश मोमो व स्टॉक में कई विसंगतियां मिली है. सर्वे में पाया गया कि इन लोहा व फर्नीचर के व्यवसायियों ने एक वर्ष के दौरान बिक्री के अनुसार सरकार को बहुत ही कम टैक्स दिया है.
करोड़ों का कारोबार होने के बाद भी इन चारों व्यवसायियों ने महज डेढ़ लाख रुपये टैक्स सरकार को जमा किया है. इन व्यवसायियों ने ढाई हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक ही सालाना टैक्स जमा किया है. आयकर अधिकारियों ने टैक्स रसीद, सेल व स्टॉक बुक की जांच में यह बड़ा अंतर पाया है. सर्वे के दौरान आयकर विभाग के ज्वाइंट कमिशनर पीके विश्वास, आयकर अधिकारी शावंती भट्टाचार्य, यूएस चौबे, संजय सुमन आदि थे.