क्लोनिंग मशीन से एटीएम डाटा हैक करने वाले छह गिरफ्तार

हिसुआ (नवादा)/देवघर : नवादा पुलिस ने एटीएम बूथों पर लोगों को झांसा देकर उनके खाते से रुपये उड़ाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है. दरअसल मंगलवार की रात हिसुआ पुलिस लूट के एक मामले में जानकारी इकट्ठा करने निकली थी. इस दौरान एक स्काॅर्पियो को शक के आधार पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2018 9:21 AM
हिसुआ (नवादा)/देवघर : नवादा पुलिस ने एटीएम बूथों पर लोगों को झांसा देकर उनके खाते से रुपये उड़ाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है. दरअसल मंगलवार की रात हिसुआ पुलिस लूट के एक मामले में जानकारी इकट्ठा करने निकली थी. इस दौरान एक स्काॅर्पियो को शक के आधार पर रोका गया. जांच पड़ताल की गयी, तो पकड़े गये आरोपितों के पास से एटीएम डाटा हैक करने वाले उपकरण, 73 हजार रुपये नकद भी बरामद किया गया.
इन आरोपितों ने नवादा जिले के साथ देवघर में भी एटीएम हैक कर कई घटना को अंजाम दिया था. नवादा जिले के प्रभारी एसपी सुजीत कुमार ने बताया कि पकड़े गये गिरोह के सदस्य एटीएम बूथों पर वैसे लोगों को शिकार बनाते थे, जिनके पास जानकारी का अभाव होता था. एटीएम बूथ के अंदर गिरोह के लोग ऐसी हरकत करते थे. जिससे सामने वाले का एटीएम कार्ड गिर जाता था व एक ही झटके में उस एटीएम कार्ड को अपराधी अपने छोटे से क्लोनिंग मशीन स्वैप कर लेते थे.
इसके बाद गिरोह के सदस्य स्वैप किये गये एटीएम कार्ड का डाटा अपने ब्लैंक कार्ड, जो एटीएम कार्ड की तरह ही होता है, उसमें लैपटाॅप के माध्यम से लोड कर लेते थे. उसके बाद उस एटीएम कार्ड के माध्यम से खाते से रुपये को निकाल लिते थे. प्रभारी एसपी ने बताया कि इस गिरोह के छह लोग गिरफ्तार हुए हैं. सभी हिसुआ थाना क्षेत्र के रहनेवाले हैं. पुलिस ने बगोदर के धीरज कुमार, बिट्टू, रजनीश कुमार, मनीष कुमार व बजरा के चंदन कुमार व मुन्नी लाल को गिरफ्तार किया है.
उन्होंने बताया कि गिरोह के साथ रहे स्काॅर्पियो बीआर 27 सी-1554 सहित एक लैपटाॅप, एक एटीएम कार्ड रीडर, एक एटीएम कार्ड स्वैप मशीन, आठ मोबाइल, 20 एटीएम कार्ड व दो ब्लैंक एटीएम कार्ड बरामद किये गये हैं. उन्होंने बताया कि आइटी सेल के अधिकारी भी मामले की जांच कर रहे हैं. आरोपितों से पूछताछ में अहम जानकारियां मिली हैं. पकड़े गये गिरोह के सदस्यों ने बताया है कि अंतिम घटना उनके द्वारा देवघर में अंजाम दी गयी. गिरोह का अापराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है.