सारठ : पूरे जिले को ओडीएफ घोषित कर तो कर दिया गया है. लेकिन, लोग अब भी खुले में शौच जा रहे हैं. कहीं पर यह मजबूरी बनी हुई तो कहीं जानबूझ कर लोग ऐसा कर रहे हैं. सालाना चार करोड़ राजस्व देने वाले विद्युत अनुमंडल का भी कमोवेश यही हाल है.
अबतक कार्यालय परिसर में एक शौचालय तक नहीं बनाया गया है. अगर किसी कर्मी को शौच जाना हो तो दो किमी दूर अजय नदी किनारे जाना पड़ता है. यहां तक कि कार्यालय आने वाले ग्राहकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
यहां काम करने वाले कर्मी रंजन पांडे, कंप्यूटर ऑपरेटर गौतम कुमार, आदित्य चक्रवर्ती ने बताया कि ड्यूटी आवर में अगर शौच जाना हो तो काफी मुश्किल होती है. इतना ही नहीं कार्यालय में पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है. अगर प्यास लग जाये तो लोगों को सारठ बाजार जाना होता है.
