आदिवासी युवक के एकाउंट से 13.94 लाख की अवैध निकासी

मोहनपुर में शिकायत दर्ज नहीं होने पर नगर थाना पहुंचा, तो उसके आवेदन पर अनुशंसा कर भेजा गया मोहनपुर... मोहनपुर-हंसडीहा रेललाइन द्वारा अधिग्रहित जमीन के लिए भू-अर्जन से मिला था मुआवजा देवघर : रेल परियोजना में गई जमीन के बदले मिले मुआवजा राशि 1394500 रुपये की अवैध निकासी किये जाने का मामला सामने आया है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 23, 2019 3:47 AM

मोहनपुर में शिकायत दर्ज नहीं होने पर नगर थाना पहुंचा, तो उसके आवेदन पर अनुशंसा कर भेजा गया मोहनपुर

मोहनपुर-हंसडीहा रेललाइन द्वारा अधिग्रहित जमीन के लिए भू-अर्जन से मिला था मुआवजा
देवघर : रेल परियोजना में गई जमीन के बदले मिले मुआवजा राशि 1394500 रुपये की अवैध निकासी किये जाने का मामला सामने आया है. मोहनपुर थाना क्षेत्र खड़ैयाडीह निवासी रावण टुडू को जब भू-अर्जन विभाग से 77339 रुपये अधिक भुगतान होने जाने का नोटिस आया, तब उसे मामले की जानकारी हुई. इसके बाद वह अपनी शिकायत लेकर पहले मोहनपुर थाना पहुंचा. वहां से थाना प्रभारी ने उसे नगर थाना क्षेत्र के बैंक एकाउंट से रुपये निकासी होने की बात समझाकर वापस भेज दिया.
तब वह शिकायत देने नगर थाना पहुंचा. रावण ने बताया कि वह एसपी से मिलकर भी शिकायत दर्ज कराने की गुहार लगा चुका है. यहां नगर थाने में इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी मदन कुमार ठाकुर ने उससे घटना के संबंध विस्तार से जानकारी प्राप्त की. मामला मोहनपुर थाना क्षेत्र में होने की वजह से उन्होंने तुरंत मोहनपुर थाना प्रभारी से फोन पर बात कर उन्हें थाना में केस अंकित करने का निर्देश दिया और रावण के आवेदन को मोहनपुर थाना प्रभारी के नाम से अनुशंसा भी कर दिया.
खाते में आयी थी जमीन मुआवजा की राशि
रावण के अनुसार मोहनपुर-हंसडीहा नयी रेल लाइन में उसकी 1.06 एकड़ जमीन को भू-अर्जन विभाग की ओर से अधिग्रहित किया गया है. जमीन अधिग्रहण व मुआवजे की सारी प्रक्रिया उसके अधिवक्ता देख रहे थे.
अधिवक्ता ने पीड़ित से नोटिस पर्चा, जमीन संबंधित मूल दस्तावेज, हस्ताक्षरयुक्त चेकबुक सहित दस्तख्त किया हुआ निकासी फॉर्म भी अपने पास रख लिया. मुआवजे की राशि का पता लगाने के लिए उसे बैंक भी ले जाता था, लेकिन उसे कोई जानकारी नहीं दी जाती थी. इसी बीच उसके एकाउंट से 18 जनवरी को पांच लाख रुपये, दूसरे दिन 19 जनवरी को भी पांच लाख रुपये और 11 फरवरी को 3,94,500 रुपये की निकासी कर ली गयी. सभी निकासी चेक के माध्यम से की गयी है. उस दौरान उसे बताया गया कि मुआवजे की राशि उसके एकाउंट में नहीं आयी है. इसी बीच भू-अर्जन विभाग से उसे एक नोटिस मिला, जिसमें 77,339 रुपये अधिक भुगतान कर दिये जाने की जानकारी थी.
विभाग ने अधिक भुगतान राशि को वापस करने को कहा था. नोटिस मिलने के बाद जब वह संबंधित बैंक पहुंचा, तो वहां बैंक अधिकारी ने चुनाव के बाद आने को कहा था. चुनाव व मतगणना समाप्त होने के बाद जब रावण बैंक पहुंचा तो उसे बताया गया कि उसके खाते में भू-अर्जन विभाग की ओर से 18 जनवरी को 13,94,881 रुपये जमा हुआ था. उसमें से 13,94,500 रुपये निकासी हो गयी है. इसके बाद वह अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत देने थाना पहुंचा.