बालू चालान की ऑनलाइन जांच कराये बगैर नहीं करें भुगतान, घाटों पर टीम गठित कर छापेमारी का निर्देश
देवघर : गिरिडीह के फर्जी चालान पर देवघर के अजय नदी स्थित खिरौंदा, ब्रहमपुरा व बिरनियां घाट से बालू उठाव कर बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में खपाने वाली कंपनी का बिल विभाग में फंस सकता है. खनन विभाग ने निर्माण कार्य करने वाला विभाग के कार्यपालक अभियंता को कहा है कि कंपनी द्वारा जमा किये जाने […]
देवघर : गिरिडीह के फर्जी चालान पर देवघर के अजय नदी स्थित खिरौंदा, ब्रहमपुरा व बिरनियां घाट से बालू उठाव कर बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में खपाने वाली कंपनी का बिल विभाग में फंस सकता है. खनन विभाग ने निर्माण कार्य करने वाला विभाग के कार्यपालक अभियंता को कहा है कि कंपनी द्वारा जमा किये जाने वाली रॉयल्टी के साथ चालान का ऑनलाइन जांच अवश्य करायें. खनन विभाग से ऑनलाइन जांच कराये बगैर कंपनी के बिला का भुगतान बिल्कुल नहीं करें.
बिल का भुगतान करने पर ऑडिट में संबंधित विभाग के पदाधिकारी को फजीहत हो सकती है. फर्जी चालान पर अजय नदी व पतरो नदी के करीब एक दर्जन बालू घाट से बालू उठाव हो रहा है. पूर्व में गिरिडीह के खनन विभाग के कई मैनुअल चालान को फर्जी तरीके से तैयार कर बार कोड बदलकर कंपनी को देवघर के घाटों का बालू आपूर्ति कर दिया गया है.
डीएमओ के साथ हुई घटना पर खनन विभाग सख्त
सोमवार को अवैध बालू का ट्रैक्टर रोकने पर डीएमओ राजेश कुमार की गाड़ी को धक्का मारने व जनलेवा हमला करने के मामले में खनन विभाग के उच्चाधिकारी सख्त हैं. डीएमओ के साथ हुई दूसरी घटना को लेकर इस पूरे मामले की सूचना खनन विभाग के उपनिदेशक व सचिव को दी गयी है.
खनन विभाग के उच्चाधिकारी ने पुलिस का सहयोग मांग कर छापेमारी अभियान तेज कर बालू माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. खिरौंदा घाट, दोरही घाट व बिरनियां घाट में पूरे सिंडिकेट की तरह बालू का अवैध धंधा चल रहा है. एक-एक बालू कारोबारी के पास दस से 15 ट्रैक्टर है, जिसके माध्यम से सुबह तीन बजे से ही बालू का उठाव नदियों से शुरू हो जाता है. अभी दिन में भी बालू का उठाव बेखौफ चल रहा है.
