नक्सली धमक ने मोहनपुर में बढ़ा दी पुलिस की परेशानी
चुनाव में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए रणनीति बनाने में जुटी पुलिस2009 में जेपीसी के साथ पुलिस की हुई थी मोहनपुर इलाके में मुठभेड़संवाददाता, देवघरमोहनपुर थानांतर्गत पुनासी परियोजना के कार्यस्थल पर हुई नक्सली धमक ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार आशंका लगायी जा रही है कि संगठन द्वारा चुनाव में […]
चुनाव में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए रणनीति बनाने में जुटी पुलिस2009 में जेपीसी के साथ पुलिस की हुई थी मोहनपुर इलाके में मुठभेड़संवाददाता, देवघरमोहनपुर थानांतर्गत पुनासी परियोजना के कार्यस्थल पर हुई नक्सली धमक ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार आशंका लगायी जा रही है कि संगठन द्वारा चुनाव में गड़बड़ी भी की जा सकती है. इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस महकमा रणनीति तैयार करने में जुट गयी है. पुलिस सूत्रों की मानें तो इस विधानसभा चुनाव में पारा मिलिट्री सहित सीआरपीएफ आइआरबी व जैप की कई कंपनियां मंगायी जा रही है. खास कर जिले के नक्सलग्रस्त मोहनपुर व जसीडीह के सीमावर्ती इलाकों में छावनी लगा दी जायेगी ताकि मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. मोहनपुर का सीमावर्ती इलाका नक्सलग्रस्त है. कई बार कंस्ट्रक्शन कंपनी के शिविर पर उस क्षेत्र में हमला हो चुका है. इससे संबंधित रिपोर्ट भी थाने में समय-समय पर दर्ज करायी गयी है. मोहनपुर इलाके में नक्सली संगठन जेपीसी का बोलबाला भी रहा है. 25 जनवरी 2009 में पुलिस के साथ जेपीसी की मुठभेड़ भी हुई थी, जिसमें कथित नक्सली कमांडर राजेश मांझी मारा गया था. उक्त स्थल से पुलिस ने कार्बाइन सहित पांच राइफल, वर्दी, नक्सली साहित्य भी बरामद किया था. इसके अलावे ठेकेदार विष्णु यादव की भी नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गयी थी.
