कोलियरी खदान बी का डंपिंग उठाये जाने पर विरोध

कैजुअल मजदूरों ने दो घंटा ठप रखा लोडिंग कार्य प्रतिनिधि, चितराएसपी माइंस चितरा कोलियरी के कैजुअल मजदूरों ने चितरा कोलियरी के बी खदान का डंपिंग उठाये जाने का विरोध किया. मजदूरों ने विरोध में लगभग दो घंटे तक लोडिंग कार्य ठप कर दिया. बाद में पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता द्वारा आश्वासन दिये जाने के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 19, 2015 7:03 PM

कैजुअल मजदूरों ने दो घंटा ठप रखा लोडिंग कार्य प्रतिनिधि, चितराएसपी माइंस चितरा कोलियरी के कैजुअल मजदूरों ने चितरा कोलियरी के बी खदान का डंपिंग उठाये जाने का विरोध किया. मजदूरों ने विरोध में लगभग दो घंटे तक लोडिंग कार्य ठप कर दिया. बाद में पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता द्वारा आश्वासन दिये जाने के बाद पुन: कार्य शुरू हुआ. क्यों है विरोध: टैरेक्स ऑपरेटरों द्वारा बी खदान के डंप में कोयला नहीं गिराये जाने के कारण कैजूअल मजदूर आक्रोशित हो गये व कोयला लोडिंग कार्य बाधित कर दिया. पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता ने कहा कि चितरा कोलियरी प्रबंधन मजदूरों का अहित करने में लगी है. चितरा कोलियरी बी खदान में कोलियरी के विस्थापित, दलित, आदिवासी लोडिंग कार्य कर अपनी जीविका चलाते हैं. प्रबंधन ने तुगलकी फरमान जारी कर यह घोषणा कर दिया है कि चितरा बी का कोयला ए में गिरेगा. यदि यह व्यवस्था लागू हो जाती है तो सैकड़ों मजदूर बेरोजगार हो जायेंगे. दोनों खदानों में कोयला लोडिंग की अलग अलग व्यवस्था है. प्रबंधन के इस फरमान से कोलियरी में अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई है. कहा कि प्रबंधन इस समस्या का समाधान ढूंढे ताकि कोलियरी मे विधि व्यवस्था नहीं बिगड़े. इस दौरान झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष नवल किशोर राय के अलावे योगेश्वर रजक, योगेन्द मरांडी, संतोषी रजक, संतलाल रजक, रवि सिंह, नेपाल राय, जगन्नाथ यादव समेत अन्य उपस्थित थे. क्या कहते हैं खनन महाप्रबंधकटैरेक्स ऑपरेटर मनमानी कर बी खदान के डंप में कोयला गिराना नहीं चाहते थे. इस वजह से समस्या उत्पन्न हो गई थी. हालांकि बातचीत कर समस्या का समाधान कर लिया गया है. वीके सिंह, खनन महाप्रबंधक