जीआरपी, प्रशासन व पुलिस ने झाड़ा पल्ला

देवघर: एर्नाकुलम एक्सप्रेस ट्रेन से केरल ले जा रहे युवक-युवतियों के साथ संदिग्ध ब्रदर जॉनी उर्फ जॉन थाई के पकड़े जाने के मामले में गुरुवार रात से ही कई घंटों तक माथापच्ची चलती रही. आखिर जिस मामले को पहले पुलिस-प्रशासन से लेकर समाजसेवियों ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग बताया. उसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी. मामले […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 28, 2015 9:13 AM
देवघर: एर्नाकुलम एक्सप्रेस ट्रेन से केरल ले जा रहे युवक-युवतियों के साथ संदिग्ध ब्रदर जॉनी उर्फ जॉन थाई के पकड़े जाने के मामले में गुरुवार रात से ही कई घंटों तक माथापच्ची चलती रही. आखिर जिस मामले को पहले पुलिस-प्रशासन से लेकर समाजसेवियों ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग बताया. उसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी. मामले से जीआरपी, आरपीएफ सहित प्रशासन व स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया.

कोई अपने पर दायित्व लेना नहीं चाह रहे थे. अंत में मामले को नया मोड़ दिया गया और श्रम विभाग ने अपना दायित्व निर्वहन कर संज्ञान लिया व मुकदमा दर्ज करने के लिये कोर्ट भेज दिया. सूत्रों के अनुसार ऐसे मामले में पुलिस-प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा सकती थी. संदिग्ध से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचा जा सकता था, लेकिन कुछ ऐसा नहीं हो सका. सूत्रों की मानें तो पुलिस-प्रशासन द्वारा पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ था कि अब तक करीब 400 ऐसे युवक-युवती को काम दिलाने केरल ले जाया गया है. बावजूद संदिग्ध से न तो गहराई से पूछताछ हुई और न ही उसके ठिकानों आदि की तलाशी हुई. जानकारी हो कि कुछ माह पूर्व ही सरकार की पहल पर केरल ले गये करीब 200 बच्चों को मुक्त करा कर गोड्डा लाया गया था.

क्या कहते हैं अधिकारी
मामला श्रम विभाग के क्षेत्रधिकार में है. श्रम अधीक्षक के स्तर से कार्रवाई हो रही है. बेहतर जानकारी वहीं से मिल सकती है.
-दीपक कुमार पांडेय, एसडीपीओ देवघर
सभी युवक-युवती के बालिग होने की जानकारी मिली है. अब मामला जिला प्रशासन व श्रम विभाग के पाले में चला गया. रेल थाने में किसी ने प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी है. बेवजह दूसरे के काम में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिये. क्या कार्रवाई हो रही है, जानकारी जिला प्रशासन व श्रम विभाग से मिलेगी.
-एबी मिंज, एसआरपी धनबाद