प्रवचन::: पाइथागोरस की दार्शनिक विचारधारा का प्रभाव

साथ ही वे इटली, नेपाल, कंबोडिया तथा जापान की तत्कालीन शिक्षाओं से भी मिलती-जुलती थीं. उनकी गूढ़ शिक्षाएं पाइथागोरस की दार्शनिक विचारधारा से प्रभावित थीं. उनकी गूढ़ आराध्य देवी मेडौना (कुंवारी मरियम) अथवा गोद में शिशु को लिए हुए कुंवारी मां थी. ड्रू इड जाति के लोगों में प्रकृति तथा उसके नियमों की गहरी समझ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 8, 2015 5:02 PM

साथ ही वे इटली, नेपाल, कंबोडिया तथा जापान की तत्कालीन शिक्षाओं से भी मिलती-जुलती थीं. उनकी गूढ़ शिक्षाएं पाइथागोरस की दार्शनिक विचारधारा से प्रभावित थीं. उनकी गूढ़ आराध्य देवी मेडौना (कुंवारी मरियम) अथवा गोद में शिशु को लिए हुए कुंवारी मां थी. ड्रू इड जाति के लोगों में प्रकृति तथा उसके नियमों की गहरी समझ तथा पकड़ थी. उनमें मानसिक आरोग्य प्रदान करने की क्षमता थी और औषधि तथा जड़ी-बूटियों का ज्ञान भी था. इंग्लैंड तथा आयरलैंड में खुदाई में शल्य-क्रिया के कुछ उपकरण भी प्राप्त हुये हैं. जड़ी-बूटियों के पौधों से उनके आरोग्य प्रदान करने ज्ञान में वृद्धि हुई थी. इसके साथ ही उन्हें चुंबक चिकित्सा तथा ताबीजों की भी जानकारी थी. उनका ओक वृक्ष तथा अंग्रेजी के टी अक्षर के आकार का ओक का क्रॉस उच्च आध्यात्मिक जीवन का प्रतीक था, जिसका वे बड़ा सम्मान करते थे.