दुर्घटना के बाद बच्चों की गूंजी चीख-पुकार

संवाददाता, दुमका स्कूली बस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बस पर सवार बच्चों की चीख पुकार मच गयी. ग्रामीणों ने बस में फंसे बच्चों को खींच-खींच कर बाहर निकाला. पीछे से आ रही इसी स्कूल के दूसरी बस पर लाद कर सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया.खबर मिलते ही अभिभावक हुए बेचैनसड़क दुर्घटना की खबर सुनते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 21, 2015 10:04 PM

संवाददाता, दुमका स्कूली बस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बस पर सवार बच्चों की चीख पुकार मच गयी. ग्रामीणों ने बस में फंसे बच्चों को खींच-खींच कर बाहर निकाला. पीछे से आ रही इसी स्कूल के दूसरी बस पर लाद कर सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया.खबर मिलते ही अभिभावक हुए बेचैनसड़क दुर्घटना की खबर सुनते ही घायल बच्चे के परिजन दौडे़-दौडे़ अस्पताल पहुंचे और वस्तुस्थिति का जायजा लिया. बच्चे के इलाज में देरी होते देख अधिकांश अभिभावक अपने बच्चे को लेकर दूसरे जगह इलाज के लिए ले गये. अस्पताल छह बेड की, हुई परेशानी अस्पताल में इतनी संख्या में घायल बच्चों के बैठने तक की जगह नहीं थी. इस अस्पताल में मात्र छह बेड है. चिकित्सक व कर्मी द्वारा इलाज किया जा रहा था. कई बच्चे इलाज के लिए प्रतिक्षा कर रहे थे. बच्चे अस्पताल परिसर की जमीन व बरामदे पर बैठे थे.बच्चों को देखने के लिए स्कूल के फादर सह प्राचार्य मरयानुस व स्कूल के शिक्षक व शिक्षिकाएं भी पहुंची. प्राचार्य ने बताया कि घटना की जानकारी स्कूल में मिली. हो सकता है कि मोड़ की वजह से बस अनियंत्रित हो गयी हो तथा गड्ढे में चली गयी हो.बस चालक की लापरवाही से हुई घटनाअभिभावकों का आरोप है कि बस चालक की लापरवाही से उक्त घटना घटी. चालक वाहन को हमेशा तेजी एवं लापरवाह तरीके से चलाता है. समय को एडजस्ट करने के लिए वाहन तेज गति से ले जाता है. बस की गति मध्यम रहती तो यह घटना नहीं होती.