फोटो सुभाष के फोल्डर में व्यासानंद के नाम से-टाउन हॉल में भागवत कथा सुनने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़संवाददाता, देवघरभागवत में 12 स्कंद हैं, इसका श्रवण करने से काल भी दूर भाग जाता है. भागवत कथा के श्रवण से सात दिन में प्रभाव दिखने लगता है. भगवान ने कहा कि जब-जब पाप बढ़ेगा, तब-तब मैं पृथ्वी पर अवतार लेकर आऊंगा. परमात्मा सच्चे न्यायाधीश हैं. भगवान ने वेद-पुराण में मनुष्य मात्र के लिए जो मर्यादा बनाया है, उस मर्यादा का पालन अवश्य करें. मर्यादा के उल्लंघन करने पर भगवान के पिता भी दंडित हुए थे. यह बात व्यासानंद महाराज ने कही. उन्होंने महर्षि मेंहीं जिला समिति के तत्वावधान में टाउन हॉल में चल रहे भागवत कथा के पांचवें दिन कहा कि बृजवासी इंद्र की पूजा करते थे. कृष्ण ने रोक दिया. उन्होंने परमात्मा की पूजा व गोवर्द्धन पर्वत की पूजा करने की सलाह दी. इससे इंद्र कुपित हो गये. उन्होंने अपनी शक्ति का परिचय देने के ख्याल से बृजवासी को जलामय कर दिया. सात दिन-सात रात लगातार बारिश करते रहे. जब कुछ नहीं बिगड़ा, तब वह हार मान गये. प्रभु की शरण में गये. उन्हें प्रभु मानते हुए माफी मांगी. मौके पर मंजु केजरीवाल, विमला झुनझुनवाला, पंडित आचार्य राज कुमार खवाड़े, प्रकाश कुमार अग्रवाल, सुबोध नाथ ठाकुर, निवास कुमार सिंह, शिल्पी केजरीवाल, श्वेता मित्तल, अमित झा, सुभाष केजरीवाल, दीपक कुमार ठाकुर, रवि रंजन कुमार, नरेश कुमार केसरी, राम शरण यादव, विवेक मूर्ति झा, अर्पित आनंद, पूनम देवी, निशिकांत झा, अशोक कुमार मठपति, मधुसूदन साह, प्रो फैजल सिद्दकी, मो इलताब अंसारी, मो अशरफ, विशेश्वर, कमलेश कुमार, अभिरंजन कुमार सिंह, राजेश कुमार बउवा, अशोक मठपति आदि दर्जनों भक्त उपस्थित थे.
भागवत कथा के श्रवण से काल भी दूर भाग जाता है : व्यासानंद
फोटो सुभाष के फोल्डर में व्यासानंद के नाम से-टाउन हॉल में भागवत कथा सुनने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़संवाददाता, देवघरभागवत में 12 स्कंद हैं, इसका श्रवण करने से काल भी दूर भाग जाता है. भागवत कथा के श्रवण से सात दिन में प्रभाव दिखने लगता है. भगवान ने कहा कि जब-जब पाप बढ़ेगा, तब-तब मैं पृथ्वी […]
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