स्वीकृत रेल परियोजनाओं को पूरा करवाने की मांग

देवघर: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में रूल 377 के तहत जसीडीह स्टेशन को विकसित करने का मामला उठाया. इस दौरान सांसद ने कहा कि संतालपरगना काफी पिछड़ा इलाका है. यहां रेल और रोड कनेक्टिविटी की जरूरत है. भारत सरकार ने संताल के लिए कई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी है लेकिन उसके काम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 29, 2015 8:54 AM
देवघर: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में रूल 377 के तहत जसीडीह स्टेशन को विकसित करने का मामला उठाया. इस दौरान सांसद ने कहा कि संतालपरगना काफी पिछड़ा इलाका है. यहां रेल और रोड कनेक्टिविटी की जरूरत है. भारत सरकार ने संताल के लिए कई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी है लेकिन उसके काम में तेजी नहीं आ रही है. इसलिए अब रेल मंत्रलय प्राथमिकता के आधार संताल की लंबित रेल परियोजनाओं को पूरा करवाये.
50 मिलियन श्रद्धालु प्रतिवर्ष आते हैं बाबाधाम
सांसद ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग का दर्शन करने प्रतिवर्ष 50 मिलियन श्रद्धालु आते हैं. इस लिहाज से जम्मू और कटरा रेलवे स्टेशन की तरह जसीडीह स्टेशन भी काफी महत्वपूर्ण है. इसलिए सरकार की स्वीकृत पांच रेल परियोजनाएं यदि पूरी हो जाती है तो तीर्थ यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी. यही नहीं यह रेलवे स्टेशन फोर्स के मूवमेंट, पावर जेनरेशन के लिए भी महत्वपूर्ण है. क्योंकि पिछले पांच सालों में इसीएल का 30 मिलियन कोयला ढुलाई होता है. लेकिन रेलवे की ओर से कोई आधारभूत संरचना नहीं है. इस कारण गोड्डा-पाकुड़(सव्रे चल रहा है)और पीरपैंती से नौगछिया वाया बटेश्वरनाथ तक रेल अभी तक संभव नहीं हो पाया है.
इन रेल परियोजनाओं को पूरा करवाने की जरूरत
सांसद ने कहा कि देवघर-दुमका, पीरपैंती-जसीडीह, भागलपुर-जसीडीह वाया बांका, सुल्तानगंज-जसीडीह वाया बांका, सुल्तानगंज-जसीडीह वाया असरगंज रेल लाइन को विकसित करने की जरूरत है. क्योंकि ये सभी रेल लाइन शिडय़ूल -5 एरिया में है. अंडर आर्टिकल 339 और 342 प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का दायित्व केंद्र सरकार की है. वैसे भी झारखंड खनिज संपदा से भरपूर राज्य है. सबसे अधिक आय रेलवे को झारखंड से ही होता है. इसलिए उपरोक्त योजना को पूरा करवा कर जसीडीह स्टेशन को विकसित किया जाये.