देवघर: गुमला के चिकित्सक डॉ आरबी चौधरी का अपहरण व हत्या के विरोध में आइएमए व झासा के संयुक्त आह्वान पर चिकित्सकों ने बुधवार को सरकारी अस्पताल व निजी क्लिनिकों में चिकित्सा सेवा ठप किया. इसके बाद सभी लोग सदर अस्पताल परिसर स्थित आइएमए हॉल में जुटे. जहां चिकित्सकों ने बैठक की. इसकी अध्यक्षता आइएमए सेंट्रल कमेटी के सदस्य डॉ आरएन प्रसाद ने की. उन्होंने बताया कि स्टेट आइएमए के मार्गदर्शन पर चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार किया है. इसका राज्यव्यापी असर देखा गया.
देर शाम निकाला कैंडिल मार्च : सदर अस्पताल के आइएमए हॉल से देर शाम चिकित्सकों ने मौन जुलूस के साथ-साथ कैंडिल मार्च निकाला. यह जुलूस अस्पताल से निकल कर मुख्य सड़क से होते हुए टावर चौक स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचा. जहां सभी ने प्रतिमा की दीवार पर कैंडिल लगाकर मृतात्मा की शांति की कामना की. इस क्रम में चिकित्सकों ने हत्यारों की गिरफ्तारी व परिजनों को मुआवजे की मांग की.
क्या है डिमांड : सरकार से आइएम की डिमांड है कि डॉ आरबी चौधरी के परिजनों को 10 करोड़ रुपये दिये जाये, एक आश्रित को नौकरी दी जाय, परिजनों को सुरक्षा प्रदान किया जाय, गुमला के एसपी-डीसी पर कार्रवाई हो, मामले की सीबीआइ जांच करायी जाय, अन्य राज्यों की तर्ज पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाय व डॉ आरबी चौधरी की पूरी नौकरी तक परिवार को वेतन दिया जाय आदि. मगर सरकार की ओर से सुबह तक किसी तरह की मंजूरी नहीं मिली थी.
बैठक व कैंडिल मार्च में शामिल थे : उपरोक्त कार्यक्रम के दौरान आइएमए देवघर शाखा के अध्यक्ष डॉ जुगल चौधरी, सचिव डॉ राजेश प्रसाद, देवघर झासा के सचिव डॉ डी तिवारी, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ सोबान मुमरू, डॉ एनसी गांधी, डॉ सुभाष चौधरी, डॉ एनडी मिश्र, डॉ रंजन पांडेय, डॉ संजय कुमार, डॉ जीपी बरनवाल, डॉ राजीव पांडेय, डॉ नवल किशोर, डॉ राजेश प्रसाद, डॉ अनिल कुमार, डॉ रवि रंजन, डॉ ए शरण, डॉ अविनाश कुमार, डॉ एसएल मुमरू, डॉ अमित कुमार, डॉ कुमार गौरव, डॉ महेश बरनवाल, डॉ गौरी शंकर, डॉ चंद्रकांत, डॉ मंजू बैंकर, डॉ के पल्लवी, डॉ सुगंधा प्रियदर्शिनी सहित दर्जनों की संख्या में चिकित्सक उपस्थित थे.
