पत्थर माफियाओं का कारनामा, ना पुलिस का डर ना प्रशासन का

पुल के नीचे से गायब किये पत्थरगबड़ा पुल हुआ कमजोरअजय नदी के पत्थरों का अवैध उत्खनन जारीरात के अंधेरे में ड्रिल मशीन व विस्फोटक लगा तोड़े जा रहे पत्थरपुल-पुलिया निर्माण में लगे संवेदकों को बेचा जाता है पत्थर प्रतिनिधि, चितरापत्थर माफिया क्षेत्र में किस कदर हावी हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 22, 2015 7:05 PM

पुल के नीचे से गायब किये पत्थरगबड़ा पुल हुआ कमजोरअजय नदी के पत्थरों का अवैध उत्खनन जारीरात के अंधेरे में ड्रिल मशीन व विस्फोटक लगा तोड़े जा रहे पत्थरपुल-पुलिया निर्माण में लगे संवेदकों को बेचा जाता है पत्थर प्रतिनिधि, चितरापत्थर माफिया क्षेत्र में किस कदर हावी हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि माफियाओं ने अजय नदी के पास स्थित गबड़ा पुल के नीचे स्थित पत्थरों का अवैध खनन कर गायब कर दिया. इतना ही नहीं पुल के नीचे से पत्थरों को गायब करने के बाद माफिया नदी में स्थित चट्टानी पत्थरों को ताबड़तोड़ विस्फोट कर दिन दहाड़े ट्रैक्टर पर लाद कर ले जा रहे हैं. यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो गया व प्रशासन बेखबर बना हुआ है. अब स्थिति यह है पत्थरों के गायब होने से पुल कमजोर हो रहा है. पत्थर तोड़ने के लिए उपयोग किये जाने वाले विस्फोटक पदार्थ से पुल कभी भी क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो सकता है. पत्थर उत्खनन करने वाले माफियाओं को प्रशासन का भी खौफ नहीं है. जानकारी के अनुसार पत्थर माफिया रात के अंधेरे में पत्थरों में ड्रिल मशीन से छेदकर विस्फोटक पदार्थ लगाकर पत्थर तोड़ते हैं व अगल बगल बन रहे पुल-पुलिया के संवेदक को ऊंचे दामों पर बेचते हैं. कहते हैं एसडीपीओ अगर पत्थर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. तो उसमें संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जायेगी. अशोक कुमार सिंह, एसडीपीओ