कॉल डिटेल्स की जांच हुई, तो कई हो सकते हैं बेनकाब !

मधुपुर: रेलवे स्टेशन से पिस्टल बरामदगी के बाद रेल पुलिस में जो उत्साह था वह रविवार को किशनपुर में छापेमारी के बाद अचानक ठंडा पड़ गया. रेल पुलिस के पास गुप्त सूचना थी कि तस्करी के लिए ले जाये जा रहे हथियार किशनपुर से ही भेजे जा रहे थे. इसके बाद चितरंजन व जसीडीह से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 29, 2015 8:49 AM

मधुपुर: रेलवे स्टेशन से पिस्टल बरामदगी के बाद रेल पुलिस में जो उत्साह था वह रविवार को किशनपुर में छापेमारी के बाद अचानक ठंडा पड़ गया. रेल पुलिस के पास गुप्त सूचना थी कि तस्करी के लिए ले जाये जा रहे हथियार किशनपुर से ही भेजे जा रहे थे. इसके बाद चितरंजन व जसीडीह से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया, ताकि अपराधी बच कर भाग नहीं सके. लेकिन छापेमारी के बाद नाकामी से रेल पुलिस भी सकते में हैं.

सूत्रों ने बताया कि छापेमारी की सूचना सुबह ही गांव पहुंचने से पहले अपराधियों को मिल गयी. बताया जाता है कि मारगोमुंडा पदस्थापित पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल्स अगर जांच की जाये तो कई पुलिसकर्मी भी बेनकाब हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि छापेमारी में निकलने से पूर्व अहले सुबह एक पुलिस कर्मी काफी देर तक मोबाइल से कहीं बातचीत करते नजर आये और काफी परेशान दिखे. रेल पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि किशनपुर में हजारों की संख्या में पिस्टल है और अपराधी भी मौजूद है.