मधुपुर : रेलवे यार्ड परिसर स्थित मैकनिक रेस्ट हाउस में युवती के साथ सामूहिक गैंगरेप कांड में घटना के 11 दिन बाद भी पुलिस मामले का पटाक्षेप नहीं कर पायी है. हालांकि पुलिस को घटनास्थल से दो शर्ट व एक प्लास्टिक का लाठी भी बरामद हुआ है. लेकिन यह रहस्य भी अब तक बरकरार है. उक्त मामले में मैकनिक रेस्ट हाउस परिसर में प्रतिनियुक्त पांच कर्मियों को निलंबित करने का कार्रवाई हुई है. लेकिन रेल पुलिस के स्तर पर अब तक आरोपियों की कोई पहचान नहीं हो पायी है. रेल पुलिस का कहना है कि युवती का मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. जिसके कारण जांच सही दिशा में नहीं जा रही है.
पीडिता का चिकित्सकीय जांच गुरुवार को रेल पुलिस को मिलेगा. इसके बाद मामले के संबंध में बहुत कुछ स्पष्ट हो पायेगा. बताते चलें कि गत 1 अगस्त की सुबह को ही पीडिता को नग्न व घायल अवस्था में मैकनिक रेस्ट हाउस परिसर में देखा गया था. घटना की जानकारी रेल पुलिस को दो अगस्त को हुई और मेडिकल जांच चार अगस्त के बाद हुई. लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल पायी है. उधर लड़की पढ़ी लिखी व बिहार की बतायी जा रही है. पीड़िता से मिल कर लौटे एनजीओ कर्मियों का दावा है कि पीड़िता को पुलिस की वर्दी से जितना डर है उससे यह लगता है कि मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि पुलिस को स्टेशन में रहने वाले एक छोटे बच्चे ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी थी. लेकिन रेल पुलिस उस पर कुछ भी काम नहीं कर पायी. अपने स्रोत से भी पुलिस मामले का सुराग निकाल पाने में विफल रही है. घटना के 12 दिन बाद भी पीडिता का 164 के तहत अदालत में बयान नहीं हुआ है. पुलिस अब तक हवा तीर चला रही है और मामले को धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है.