किरण कुमारी निर्विरोध डीआरडीए अध्यक्ष

देवघर: विकास भवन में सरकारी परिपत्र के आलोक में प्रबंध पर्षद की बैठक हुई . बैठक चार सितंबर की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुना गया. बैठक में मुख्य रुप से शामिल जरमुंडी विधायक बादल समेत 42 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 24, 2015 7:40 AM
देवघर: विकास भवन में सरकारी परिपत्र के आलोक में प्रबंध पर्षद की बैठक हुई . बैठक चार सितंबर की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुना गया. बैठक में मुख्य रुप से शामिल जरमुंडी विधायक बादल समेत 42 सदस्यों के द्वारा सहमति बनी और किरण कुमारी के नाम के प्रस्ताव पर सदन द्वारा स्वीकृति दी गयी.

बैठक के दौरान डीआरडीए डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने बॉयलॉज व सदस्यों का नाम पढ़कर सुनाया. सदस्यों के नामों पर भी सर्वसम्मति बन गयी. डायरेक्टर श्री झा ने बैठक में सदस्यों को बताया कि सोसाइटी ऑफ रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अन्तर्गत डीआरडीए के पुर्ननिबंधन हेतु बायलॉज में आंशिक संशोधन करते हुए प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को समर्पित किया जायेगा. डीआरडीए में जो शासन व्यवस्था है, उसके अन्तर्गत सामान्य निकाय के अध्यक्ष जिला परिषद के अध्यक्ष तथा डीडीसी सचिव का कार्य करेंगे. साथ ही कार्यपालक निकाय में डीडीसी अध्यक्ष व डीआरडीए डायरेक्टर सचिव के रूप में पदनामित होंगे. बैठक में जिप अध्यक्ष किरण कुमारी ने कहा कि डीआरडीए में एक तिहाई जिला परिषद के सदस्य के भी नाम अंकित किये जायेंगे. सामान्य निकाय की बैठक तिमाही एवं कार्यपालक निकाय की बैठक मासिक कराने पर उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया. वैसे सदस्य जो लगातार तीन बैठक में उपस्थित नहीं होते हैं उनकी सदस्यता समाप्त कर उनके स्थान पर दूसरे नये सदस्य का चयन कर लिया जायेगा. अक्टूबर को पूरे राज्य में जिला परिशद के अध्यक्ष को डीआरडीए अध्यक्ष पद सौंपे जाने की घोषणा सरकार द्वारा की जायेगी. बैठक में डीडीसी मीना ठाकुर व पालोजोरी के नये सदस्य रमेश टुडू समेत अन्य सदस्य थे.

जनहित का मुद्दा अब उचित सदन में उठेगा
जिला परिषद अध्यक्ष सह डीआरडीए अध्यक्ष किरण कुमारी ने कहा कि सरकार ने ऐसे समय में अधिकार सौंपा, जब सामने पंचायत चुनाव है. यह अधिकार नियमानुसार 2011 में ही सौंपना था. ताकि चार वर्षों में जनहित के लिए कुछ कर पाते. फिर भी दुख के साथ इस अधिकार का स्वागत करती हूं. आने वाले समय में उचित सदन पर अब जनहित का मुद्दा उठोगा व इसका फायदा जनता को होगी.
अंतिम पायदान तक के व्यक्ति को मिलेगा लाभ
प्रखंडों से परित्यक्ता, वृद्धा, विधवा व विकलांग पेंशन के लिए योग्य लोगों की सूची व प्रखंडवार 100 योग्य बेरोजगारों का चयन कर डेयरी उद्योग से जोड़ा की प्रक्रिया शुरु करने का प्रस्ताव बैठक में दिया गया है. जिप अध्यक्ष को देर से ही सही लेकिन अब यह शक्ति मिलने से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज जिले के सदन में उठेगी़
बादल, विधायक, जरमुंडी

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