जमीन दूसरे की, अपनों का डाला नाम

देवघर: पुनासी जलाशय योजना में विस्थापितों को मुआवजा के भुगतान में घालमेल की शिकायतों आ रही है. पुनासी गांव निवासी फनींद्र कुमार ने विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी को पत्र सौंपकर इसमें आपत्तर्ि दर्ज करायी है. फनींद्र के अनुसार, पुनासी मौजा के जमाबंदी नंबर 22 स्थित प्लॉट नंबर 674 रकवा 9 डिसमिल में मंत्री सुरेश पासवान साजिश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

देवघर: पुनासी जलाशय योजना में विस्थापितों को मुआवजा के भुगतान में घालमेल की शिकायतों आ रही है. पुनासी गांव निवासी फनींद्र कुमार ने विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी को पत्र सौंपकर इसमें आपत्तर्ि दर्ज करायी है.

फनींद्र के अनुसार, पुनासी मौजा के जमाबंदी नंबर 22 स्थित प्लॉट नंबर 674 रकवा 9 डिसमिल में मंत्री सुरेश पासवान साजिश के तहत मकान क्रमांक 46, 47 व 48 के विरुद्ध मुकेश पासवान, मनोज पासवान, ब्रहमदेव पासवान, रामकृष्ण पासवान व सुनीता देवी को मुआवजा दिलाना चाहते हैं. विशेष-अर्जन विभाग की ओर से प्लॉट नंबर 674 में मकान के मुआवजा के लिए उक्त पांचों के नाम से नोटिस दिया गया है. इसमें रामकृष्ण पासवान व सुनीता देवी मंत्री सुरेश पासवान के पुत्र व पुत्री हैं. जबकि मुकेश पासवान व मनोज पासवान मंत्री के भतीजा हैं तथा ब्रहमदेव पासवान मंत्री का भांजा है.

मंत्री के वारिसानों ने नहीं प्रस्तुत किया साक्ष्य : फनींद्र कुमार ने विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि भूमि अधिग्रहण एक्ट 1/1984 की धारा 9 के खंड 3 व 4 के तहत केस नंबर 01/10/11 द्वारा उपरोक्त प्लॉट नंबर 674 (रकवा 9 डिसमिल) पर निर्मित मकान 44 एवं 45 का अर्जन नोटिस उनके पुत्र संतोष पासवान उर्फ संतोष कुमार, शिखा देवी तथा परितोष कुमार नाम से प्राप्त हुई थी. इसके बाद 12 जुलाई 2013 को विशेष भू-अर्जन कार्यालय में उपस्थित होकर उन्होंने अपना दावा के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किया था. इसके बाद 15 जुलाई को साक्ष्य की प्रतियां व वंशावली आदि रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा भू-अर्जन कार्यालय भेजा गया था. उनका कहना है कि मंत्री सुरेश पासवान के वारिसानों द्वारा आज तक किसी प्रकार का साक्ष्य भू-अर्जन कार्यालय में न तो प्रस्तुत किया है और न ही उनलोगों ने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा है.

विस्थापित का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से वारिसानों का नाम कराया शामिल : फनींद्र के अनुसार सर्वे खतियान में मंत्री सुरेश पासवान का उपरोक्त प्लॉट 674 पर कोई हक नहीं है, न ही उन्होंने उस प्लॉट में किसी मकान का निर्माण किया है. मंत्री सिर्फ अपने सगे-संबंधियों को विस्थापित का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से भू-अर्जन कार्यालय के रजिस्टर में अपने वारिसानों का नाम दर्ज कराया था. फनींद्र ने विशेष भू-अर्जन दाधिकारी के समक्ष पहले भी मंत्री के वारिसानों का नाम खारिज करने करने का आग्रह किया था. इसमें मंत्री सुरेश पासवान द्वारा किसी प्रकार का साक्ष्य प्रस्तुत न करने के बावजूद विभाग ने उनके वारिसानों का नाम खारिज नहीं किया बल्कि उक्त लोगों को एक्ट 1/1984 की धारा 12(2) की नोटिस दी गयी है, जो अनुचित है. फनींद्र कुमार ने मकान क्रमांक 46, 47 व 48 का भुगतान उनके वारिसान संतोष कुमार, शिखा देवी व परितोष कुमार को करने का दावा भू-अर्जन पदाधिकारी के समक्ष किया है.

पुनासी में फनींद्र कुमार व मंत्री सुरेश पासवान दोनों को एवार्डी के लिए नोटिस भेजा गया है. इसमें फनींद्र कुमार ने आपत्ति दर्ज करायी है. इसकी जांच होगी. दोनों पक्षों में संपत्ति की दावेदारी के लिए अधिक विवाद पाया गया तो भूमि अधिग्रहण नियमावली के अनुसार सेक्शन 30 के तहत इस केस को सीजेएम के पास भेज दिया जायेगा. कोर्ट ही इसमें फैसला करेगी’

सुधीर कुमार दास, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, देवघर

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