मन ही मानव का बंधन व मुक्ति का कारण : सतपाल जी

मोहनपुरहाट में दो दिवसीय सदभावना सम्मेलन शुरू... मोहनपुर : मोहनपुरहाट के समीप घाघरा मैदान में दो दिवसीय सदभावना सम्मेलन शनिवार से शुरू हुआ. इसमें सतपाल जी महाराज ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद व भ्रष्टाचार पूरे विश्व के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है. इन समस्याओं का समाधान बाहरी चीजों से अथवा कानून बनाकर संभव […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 6, 2016 8:26 AM

मोहनपुरहाट में दो दिवसीय सदभावना सम्मेलन शुरू

मोहनपुर : मोहनपुरहाट के समीप घाघरा मैदान में दो दिवसीय सदभावना सम्मेलन शनिवार से शुरू हुआ. इसमें सतपाल जी महाराज ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद व भ्रष्टाचार पूरे विश्व के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है. इन समस्याओं का समाधान बाहरी चीजों से अथवा कानून बनाकर संभव नहीं है.

बल्कि इसके लिए हमें संत-महापुरुषों द्वारा दिए गये अध्यात्म ज्ञान का सहारा लेना होगा. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद व भ्रष्टाचार आदि बुराइयां मानव के मन मस्तिक की उपज है. मन ही मानव के बंधन व मुक्ति के कारण है. उन्होंने कहा कि विश्व के जितने भी संत व महापुरुष इस धरती पर आये, उन सबों ने मानव मात्र को जियो और जीने दो का संदेश दिया. संत समाज को हमेशा जोड़ने का काम करते हैं व समाज को बदलने के लिए हमें अपने अंदर छिपी आत्मिक शक्ति को जागृत करना होगा.

तभी हमारा समाज देश व विश्व बदलेगा. महाराज जी ने लोगों को आह्वान करते हुए कहा कि वे सभी तरह के भेदभाव को भूलाकर समाज सेवा को प्रस्तुत कर देश को अग्रणी बनाने में अपना योगदान करें. इससे पूर्व महाराज जी का स्वागत विधायक नारायण दास ने किया. इस अवसर पर माता अमृता जी ने भी प्रवचन दिया. प्रवचन के दौरान भजन व कीर्तन में भक्त झूठे. रविवार को भी संध्या छह बजे से प्रवचन होगा.