दुमका रोड जाम, धारा 144 लागू

देवघर: मोहनपुर अंचल स्थित विराजपुर मौजा में दाग नंबर 52 में पांच एकड़ 70 डिसमिल परती कदीम जमीन घेराबंदी के खिलाफ ग्रामीणों ने देवघर-दुमका रोड को दो घंटे तक जाम कर दिया. इसकी सूचना मिलने पर पुलिस विराजपुर गांव पहुंची व जमीन घेराबंदी करने वालों को खदेड़ा गया.... इसकी सूचना पर जाम स्थल पर एसडीओ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 11, 2014 10:05 AM

देवघर: मोहनपुर अंचल स्थित विराजपुर मौजा में दाग नंबर 52 में पांच एकड़ 70 डिसमिल परती कदीम जमीन घेराबंदी के खिलाफ ग्रामीणों ने देवघर-दुमका रोड को दो घंटे तक जाम कर दिया. इसकी सूचना मिलने पर पुलिस विराजपुर गांव पहुंची व जमीन घेराबंदी करने वालों को खदेड़ा गया.

इसकी सूचना पर जाम स्थल पर एसडीओ जय ज्योति सामंता व जिप सदस्य भूतनाथ यादव पहुंचे. ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीओ ने तत्काल जमीन पर धारा 144 लागू कर दिया व जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. इसके बाद जाम हटाया गया. एसडीओ श्री सामंता विराजपुर मौजा की उक्त जमीन का भी जायजा लिया.

ग्रामीणों की मांग थी कि दाग नंबर 52 परती कदीम जमीन है, इसलिए भूमिहीनों के नाम से बंदोबस्त किया जाये. मोहनपुर के सीआइ उपेंद्र दुबे ने एसडीओ को बताया कि परचा में दाग नंबर 52 की जमीन परती कदीम के नाम से दर्ज है व इस जमीन का लगान रसीद बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री पंडित बिनोदानंद झा के पुत्र मोहनानंद झा के नाम से कट रहा है. पांच मार्च 1994 में तत्कालीन हल्का कर्मचारी व सीआइ की जांच रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मीपुर इस्टेट की ओर से 11 जुन, 1952 को मोहनानंद झा के नाम से अमलनामा पट्टा के माध्यम से जमीन की बंदोबस्ती हुई है, लेकिन खतियान में आज भी यह जमीन परती कदीम के नाम से दर्ज है.

मोहनानंद झा के वंशजों का दावा
मोहनानंद झा के पौत्र अपूर्व आनंद झा द्वारा एसडीओ को संबंधित कागजात प्रस्तुत किया गया है. अपूर्व आनंद का कहना है कि दाग नंबर 52 की जमीन उनकी पैतृक संपत्ति है. लेकिन कुछ भू-माफियों ने जमीन हड़पने के इरादे से सेल सर्टिफिकेट के जरिये गलत कागजात तैयार कर लिया है. इसका खुलासा एलआरडीसी द्वारा छह जुलाई, 2011 को डीसी को भेजी जांच रिपोर्ट में भी किया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का अगर कोई दावा है तो सक्षम न्यायालय में कागजात प्रस्तुत करें.