तपोवन में पर्यटन विभाग की 25 में महज 13 दुकानें ही बनीं

देवघर: धार्मिक सह पर्यटन स्थल तपोवन में पर्यटन विभाग से 2014-15 में स्वीकृत 25 दुकानों का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हुआ़ 25 दुकानों में महज 13 ही निर्मित हो पाया़, जबकि शेष 12 दुकानों की नींव तक नहीं रखा गया है़ करीब 57 लाख की लागत से कुल 25 दुकानों का निर्माण […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 13, 2016 7:45 AM
देवघर: धार्मिक सह पर्यटन स्थल तपोवन में पर्यटन विभाग से 2014-15 में स्वीकृत 25 दुकानों का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हुआ़ 25 दुकानों में महज 13 ही निर्मित हो पाया़, जबकि शेष 12 दुकानों की नींव तक नहीं रखा गया है़ करीब 57 लाख की लागत से कुल 25 दुकानों का निर्माण नवंबर 2015 में पूरा कर लेना था़ इस कार्य के लिए एनआरइपी से एजेंसी को करीब 25 लाख रुपये भुगतान भी कर दिया गया है़ .
कई बार कार्यपालक अभियंता के स्तर से नोटिस भी दी जा चुकी है, बावजूद दुकान समय पर नहीं बन पाया़ दुकानें नहीं बनने से दुकानदारों को खुले आसमान में जैसे-तैसे दुकानें लगानी पड़ रही है. 25 दुकानों का निर्माण होने से पहले विभाग द्वारा पूर्व से निर्मित सभी दुकानों को तोड़ दिया गया था. दुकानदारों को अस्थायी तौर पर जैसे-तैसे दुकान लगाना पड़ रहा है. इससे बरसात में काफी कठनाई हो रही है. दुकानदारों को उम्मीद थी कि श्रावणी मेला से पहले अगर दुकान बन जाती तो उन्हें सुविधा मिलती. लेकिन अब श्रावणी मेला पहले दुकान बनेगी या नहीं, सवाल खड़ा हो गया है.
क्या कहते हैं अभियंता
दुकान का निर्माण समय पर पूरा करने के लिए कई बार निर्देश दिया जा चुका था. बावजूद समय पर कार्य पूरा नहीं हुआ. एजेंसी को समय विस्तार देने से पहले 10 फीसदी राशि विपत्र में कटौती कर ली जायेगी. उसके बाद समय विस्तार दिया जायेगा. प्रयास है कि श्रावणी मेला से पहले काम पूरा किया जा सके.
– एमएम प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, एनआरइपी, देवघर