अनियमितता : मोहनपुर के हथवारी के ग्रामीणों ने डीसी से की शिकायत, कहा बिहार के मजदूर करते हैं मनरेगा का काम

देवघर : मोहनपुर प्रखंड के पोस्तवारी पंचायत स्थित हथवारी गांव में मनरेगा के तालाब व डोभा निर्माण में कई स्थानीय मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है. इस वजह से इन मजदूरों को बाहर पलायन करना पड़ रहा है. हथवारी गांव के करीब डेढ़ दर्जन मजदूरों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन मजदूर भैरो महतो व बुलाकी यादव […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 1, 2016 1:56 AM
देवघर : मोहनपुर प्रखंड के पोस्तवारी पंचायत स्थित हथवारी गांव में मनरेगा के तालाब व डोभा निर्माण में कई स्थानीय मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है. इस वजह से इन मजदूरों को बाहर पलायन करना पड़ रहा है. हथवारी गांव के करीब डेढ़ दर्जन मजदूरों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन मजदूर भैरो महतो व बुलाकी यादव ने मंगलवार को डीसी अरव राजकमल को जनता दरबार में सौंपकर आरोप लगाया है कि हथवारी गांव में तालाब निर्माण में बिचौलियों के माध्यम से बिहार के मजदूरों द्वारा काम कराया जा रहा है. जब काम मांगने गये तो बिचौलिये द्वारा धमकी देकर भगा दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि बिहार के मजदूरों द्वारा तालाब की खुदाई कर फरजी तरीके से स्थानीय मजदूरों के नाम से पैसा निकासी कराया जा रहा है.
इसकी शिकायत बीडीओ से भी की गयी थी, लेकिन बीडीओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने पर जनता दरबार में आना पड़ा. पूरे मामले में डीसी ने डीडीसी को जांच के लिए लिख दिया है. आपत्ति दर्ज करने वालों में बुलाकी यादव, भोला यादव, प्रकाश यादव, छतर महतो, अमोद यादव, सहदेव महतो, होमिया देवी, तूलसी यादव, भैरो महतो, प्रमोद यादव, बिनोद यादव, ब्रजकिशोर यादव, सुनिता देवी, चंपा देवी, सुकमारी देवी, टुनिया देवी, मनोज यादव व पुष्पा देवी आदि है.
बीडीओ ने एइ को दिया जांच का निर्देश
इस मामले में मोहनपुर बीडीओ शैलेंद्र रजक ने बताया कि हथवारी के मजदूरों की शिकायत पत्र मिली है. शिकायत पर मनरेगा के सहायक अभियंता अमित कुमार को जांच का निर्देश दिया गया है. जांच रिपोर्ट में जो दोषी पाये जायेंगे कार्रवाई होगी.
क्या कहते हैं मुखिया
पोस्तवारी पंचायत के मुखिया नरेश यादव ने कहा कि आरोप बेबुनियाद है. हथवारी गांव में मनरेगा का कार्य स्थानीय मजदूरों द्वारा ही किया जा रहा है. जो लोेग आरोप लगा रहेे हैं उन्हें मनरेगा में काम करने के लिए रोजगार सेवक द्वारा नोटिस भी दिया गया है. लेकिन वे लोग मजदूरी करने को तैयार नहीं हुए. उक्त मजदूरों ने राजनीति का शिकार होकर यह आरोप लगाया है.