मोहनपुर से बिहार तक लकड़ी माफियों का रैकेट
देवघर: मोहनपुर अंचल स्थित घुठिया दौंदिया गांव में सीओ के निर्देश पर पेड़ की अवैध कटाई रोकने गये हल्का कर्मचारी से अभद्र व्यवहार व मूल रैयत प्रधान के साथ मारपीट के मामले में तीसरे दिन भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है […]
देवघर: मोहनपुर अंचल स्थित घुठिया दौंदिया गांव में सीओ के निर्देश पर पेड़ की अवैध कटाई रोकने गये हल्का कर्मचारी से अभद्र व्यवहार व मूल रैयत प्रधान के साथ मारपीट के मामले में तीसरे दिन भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई.
हल्का कर्मचारी प्रभु हांसदा व प्रधान किस्टो महतो के साथ मारपीट की रिपोर्ट पर सीओ ने थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था. काटे गये पेड़ तीसरे दिन भी घुठिया दौंदिया के गैरजमरुआ जमीन पर पड़ा हुआ था. जबकि एक पेड़ बेचा जा चुका है.
तालझारी से देवघर सप्लाइ होती है अवैध लकड़ी
अवैध लकड़ी का कारोबार सीमावर्ती बिहार तक फैला है. मोहनपुर व रिखिया से इस क्षेत्र में बिहार तक पूरा का पूरा लकड़ी माफियों का रैकेट काम करता है. मोहनपुर, त्रिकुट पहाड़ व सड़क के किनारे स्थित पेड़ को काट कर माफिया रातों-रात जयपुर रोड जरिये बिहार पहुंचा देता है. इस गिरोह का नजर त्रिकुट पहाड़ व जमुनियां जंगल के लकड़ी पर हमेशा बनी रहती है. लकड़ी माफिया का दूसरा रैकेट तालझारी व घोरमारा से लेकर देवघर तक सक्रिय है. तालझारी के जंगलों से अवैध लकड़ी रातों-रात दुमका रोड स्थित लीला मंदिर के आसपास के आरा मिलों में सप्लाई होता है.