डीआरडीए का नहीं हुआ है जिला परिषद में विलय

देवघर: ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव नीलम लता ने पत्रांक 2738 में पत्र जारी कर डीआरडीए अध्यक्ष सह जिला परिषद के संदर्भ में विभागीय मार्गदर्शन स्पष्ट किया है. उप सचिव के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन ऑन डीआरडीए एडमिनिस्ट्रेशन 2008 की कंडिका में डीआरडीए की भूमिका, कार्य, संरचना व प्रशासन का विस्तृत उल्लेख है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 13, 2016 9:43 AM

देवघर: ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव नीलम लता ने पत्रांक 2738 में पत्र जारी कर डीआरडीए अध्यक्ष सह जिला परिषद के संदर्भ में विभागीय मार्गदर्शन स्पष्ट किया है. उप सचिव के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन ऑन डीआरडीए एडमिनिस्ट्रेशन 2008 की कंडिका में डीआरडीए की भूमिका, कार्य, संरचना व प्रशासन का विस्तृत उल्लेख है.

कंडिका 52 के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष डीआरडीए गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे. डीआरडीए के परियोजना निदेशक तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डीडीसी होते हैं. डीआरडीए का विलय जिला परिषद में नहीं हुआ है तथा डीआरडीए का एग्जिक्यूटिव व फाइनेंशियल फंग्शन डीडीसी के अधीन रहेगा.

उपाध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं : डीआरडीए की गाइडलाइन में जिला परिषद उपाध्यक्ष का कोई स्थान नहीं है. पूरे डीआरडीए की समिति में उपाध्यक्ष की कोई भूमिका ही नहीं है. गाइडलाइन में डीआरडीए के परियोजना निदेशक तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है. मालूम हो कि डीआरडीए में उपाध्यक्ष का स्थान नहीं होने पर देवघर में डीआरडीए के भवन में उपाध्यक्ष का कार्यालय संचालन को लेकर पूर्व में सवाल भी उठा चुका था.