यौन शोषण में पूर्व कैशियर को सजा

देवघर: अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश-दो, कृष्ण कुमार की अदालत ने सामूहिक यौन शोषण के चर्चित मामले में आरोपित अशोक राय को दोषी करार देकर उसे दस साल की सश्रम सजा सुनायी है. इसके साथ दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जो पीड़िता को दी जायेगी. जुर्माने की राशि अदा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 19, 2016 7:30 AM
देवघर: अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश-दो, कृष्ण कुमार की अदालत ने सामूहिक यौन शोषण के चर्चित मामले में आरोपित अशोक राय को दोषी करार देकर उसे दस साल की सश्रम सजा सुनायी है. इसके साथ दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जो पीड़िता को दी जायेगी. जुर्माने की राशि अदा करने में अगर आरोपित सक्षम नहीं होते हैं तो उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी.

पीड़िता को विक्टिम कंपनसेशन अधिनियम के तहत सरकार की आेर से पुनर्वास हेतु 50 हजार रुपये दिये जायेंगे जो डालसा के माध्यम से उपलब्ध करायी जायेगी. इस मामले के दूसरे आरोपित सनोज राय को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. दर्ज एफआइआर में दोनों के विरुद्ध गैंग रेप करते रहने का आरोप है. सुनवाई के दौरान अभियाेजन पक्ष से ब्रह्मदेव पांडेय थे, जिन्होंने कुल 11 लोगों की गवाही कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की और दोष सिद्ध करने में सफल रहे. बचाव पक्ष से एडवोकेट मनोज कुमार राय, अरुण कुमार भैया व दिनेश्वर पंडित थे.

क्या था मामला
नगर थाना क्षेत्र के संतालपरगना खादी ग्रामोद्योग समिति में कार्यरत तत्कालीन कैशियर अशोक राय व दूसरे कर्मी सनोज राय के विरुद्ध एक नाबालिग ने यौन शोषण का आरोप लगाया था. महिला थाना देवघर में कांड संख्या 160/13 दर्ज कर भादवि की धारा 376 (डी), 376 ( 2) (1)( जी) लगायी गयी थी.

दर्ज प्राथमिकी में बताया गया था कि नाबालिग को भय दिखा कर एक साल तक यौन शोषण किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गयी. गर्भवती होने के बाद एक क्लिनिक में बच्चे को जन्म देकर मां बन गयी. केस दर्ज होने के बाद मामले का अनुसंधान हुआ और डीएनए टेस्ट भी हुआ जिसमें नवजात के ब्लड से एक आरोपित का ब्लड मैच कर गया था.