खानापूर्ति: स्वास्थ्य पखवारा में दिख रही जागरूकता की कमी, स्टॉल तक नहीं पहुंच रहे मरीज

पालोजोरी: 11 से 24 सितंबर तक चलने वाले स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी परिवार नियोजन पखवारा पालोजोरी में महज खानापूर्ति बन कर रह गयी है. इस अभियान के तहत पालोजोरी स्वास्थ्य महकमें को एनसएसी, महिला बंध्याकरण, आईपीभी, अस्थायी उपाय का लक्ष्य दिया गया है. लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सीएचसी प्रबंधन द्वारा सीएचसी परिसर में विभिन्न […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 15, 2016 1:40 AM
पालोजोरी: 11 से 24 सितंबर तक चलने वाले स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी परिवार नियोजन पखवारा पालोजोरी में महज खानापूर्ति बन कर रह गयी है. इस अभियान के तहत पालोजोरी स्वास्थ्य महकमें को एनसएसी, महिला बंध्याकरण, आईपीभी, अस्थायी उपाय का लक्ष्य दिया गया है. लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सीएचसी प्रबंधन द्वारा सीएचसी परिसर में विभिन्न स्टॉल लगाया गया है. लेकिन बुधवार को सुबह लगभग 10.30 बजे व दोपहर के लगभग 12.30 बजे जब स्टॉल को देखा गया तो यहां विभन्नि पंजीयन काउंटर व स्टॉलों में इक्के दुक्के कर्मी ही नजर आए.
इससे साफ तौर पर समझा जा सकता है कि पालोजोरी सीएचसी प्रबंधन इस स्वास्थ्य पखवारे के कितनी गंभीरता से ले रही है.
कहते हैं जनप्रतिनिधि
प्रमुख सीताराम टुडू: एक ओर तो स्वास्थ्य पखवारे के उदघाटन तक की जानकारी नहीं दी गयी. उसपर विभाग का रवैया ढुलमूल विभागीय कार्यशैली को दिखाता है.
भुरकुंडी पंचायत के मुखिया रंजीत बास्की: पालोजोरी में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली हमेशा से सवालों के घेरे में रही है.
जिप सदस्य भाग संख्या 23 अनिता हांसदा: सीएचसी प्रबंधन द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को दरकिनार किया जाता है. महत्वपूर्ण कार्यक्रमों तक की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती है. स्वास्थ्य पखवारा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी सीएचसी के रवैये कारण शायद ही लक्ष्य को प्राप्त कर पाएगा.
कहती है सीएचसी प्रभारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एनी एलिजाबेथ टुडू ने कहा कि स्वास्थ्य पखवारे में प्रतिनियुक्त एएनएम के साथ मीटिंग व जिला को आवश्यक प्रतिवेदन भेजने के कारण हो सकता है कि स्टॉल खाली हो गया हो. लेकिन कार्यक्रम को बेहतर ढंग से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है.

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