देवघर: दूरस्थ शिक्षा के तहत अब झारखंड के छात्रों को हिंदी में वोकेशनल कोर्स की सुविधा मिलेगी. इसके लिए जल्द ही देवघर में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (एमजीआइएचयू), वर्धा का लर्निंग सेंटर खुलेगा. लर्निंग सेंटर के लिए गुरुकुल संस्थान के स्पॉट विजीट को विश्वविद्यालय के डीन दूरस्थ शिक्षा सह डायरेक्टर प्रो अरविंद झा देवघर पहुंचे. स्पॉट विजीट व संस्थान से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद प्रो झा ने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रबंधन के समक्ष रखेंगे. वहां से स्वीकृति मिलते ही इस केंद्र से नामांकन प्रारंभ हो जायेगा. उन्होंने कहा कि देवघर सहित संताल परगना में बहुत पोटेंशियल है. इसलिए यहां के छात्रों को हिंदी में वोकेशनल कोर्स की व्यवस्था लाभकारी होगी.
एससी/एसटी और पिछड़ा वर्ग के छात्रों को विशेष सुविधा : प्रोफेसर श्री झा ने कहा कि झारखंड के संताल परगना का इलाका आदिवासी बहुल है. इन्हें दूरस्थ शिक्षा की सुविधा नहीं मिल पाती है. इसलिए अब ऐसे छात्रों को जिसमें एससी/एसटी और पिछड़ा वर्ग शामिल हैं, उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से नियमानुसार रियायत भी देने की व्यवस्था होगी.
कोर्स को देश भर में है मान्यता : डीन प्रो श्री झा ने बताया कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना जन-जन तक हिंदी माध्यम से वोकेशनल कोर्स का संचालन के उद्देश्य से किया गया है. दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हिंदी में वोकेशनल कोर्स के लिए हर राज्य में सेंटर खोलने की योजना है. इसी के तहत वे देवघर आये हैं.
इस दूरस्थ शिक्षा में चलने वाले सभी कोर्स को देशभर में मान्यता प्राप्त है. इस अवसर पर उनके साथ गुरुकुल के अध्यक्ष अखिलेश दुबे सहित कई कर्मी मौजूद थे.
