पहाड़पुर के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय का हाल
विद्यालय का शौचालय जर्जर, चापानल पड़ा बेकार
रसोइया को एक साल से नहीं मिला है मानदेय
विद्यालय में बिजली नहीं, करा दिया गया वायरिंग
सारठ : तपती धूप और विद्यालय का चापानल बंद हो जाने से विद्यालय के छात्रों को पेयजल की काफी समस्या हो गयी है. विद्यालय का एकमात्र चापानल गरमी के कारण सूख गया है. दो बाल्टी पानी भी मुश्किल से निकलता है. जिस कारण पेयजल व एमडीएम बनाने में परेशानी होती है. हालत यह है
रसोइघर के अभाव में कार्यालय में ही मध्याह्न भोजन बनाना पड़ता है. छात्र सुभाष मुर्मू, अजीत मुर्मू, विकास मुर्मू, वसंती मुर्मू, मुस्कान खातून आदि ने बताया कि अपने-अपने घरों से बोतल में पानी लेकर स्कूल आना पड़ता है. विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या 55 है. विद्यालय के सचिव उपेंद्र पंडित विद्यालय मे मौजूद थे. लेकिन एक अन्य पारा शिक्षक गायब थे. छुट्टी के वक्त तक बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं करायी गयी थी. रसोइया मीना देव्या ने कहा कि उन्हें एक साल से मानदेय भी नहीं मिला है. कई बार शिकायत की गयी पर किसी ने नहीं सुनी.
विद्यालय में पानी की कमी: सचिव
उप्रावि पहाड़पुर के सचिव उपेंद्र पंडित ने कहा कि चापानल दो घंटा में दो बाल्टी पानी देता है. पेयजल की समस्या हो गयी है. छात्र बोतल में पानी घरों से लाते हैं. उसी से काम चलाना पड़ता है. फंड नही हैं कि चापानल कराया जा सके. बीइइओ निरीक्षण में आजतक नहीं पहुंचे हैं. 28 अप्रैल को बीआरपी जांच में आये थे.