देवघर : झारखंड विकास मोरचा की राज्यव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का संताल परगना में आंशिक असर रहा. देवघर, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, जामताड़ा में सुबह से ही जगह-जगह कार्यकर्ता सड़क पर उतरे, विरोध किया और माल ढुलाई को बाधित किया. इस दौरान संताल परगना के छह जिले से 700 से अधिक झाविमो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. जिन्हें शाम को रिहा कर दिया गया.
खनन क्षेत्र में आंशिक असर रहा : आर्थिक नाकेबंदी का आंशिक असर कोलियरी और पत्थर खनन क्षेत्र में हुआ. एसपी माइंस चितरा कोलियरी देवघर, गोड्डा के ललमटिया में झाविमो कार्यकर्ताओं ने कुछ देर के लिए कोयला ढुलाई बाधित किया. जगह-जगह कोयला ले जा रहे ट्रकों, डंपरों को रोका गया. वहीं पत्थर खनन का इलाका दुमका, पाकुड़ व साहेबगंज में पत्थर ढुलाई कर रहे ट्रकों को रोका गया. वहीं झाविमो के प्रधान महासचिव प्रदीप यादव के विधानसभा क्षेत्र में पोड़ैयाहाट में नाकेबंदी असरदार रहा.
सड़क पर उतरे कार्यकर्ता…
यहां मुख्य सड़क को कई घंटों तक लोगों ने जाम रखा. पूरे संताल परगना में कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
700 से अधिक कार्यकर्ता गिरफ्तार, रिहा
आर्थिक नाकेबंदी को लेकर मुस्तैद सभी जिले की पुलिस ने सड़कों पर उतरे झाविमो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर कैंप जेल में रखा गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार देवघर जिले में कुल 229 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई. जिसमें जसीडीह में 29, मधुपुर में 37, मोहनपुर में 39, चितरा में 54 व पालोजोरी में 95 कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी. इसके अलावा दुमका में 148, साहेबगंज में 68, पाकुड़ में 33, जामताड़ा में 83 व गोड्डा में 255 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. सभी को शाम होते ही कैंप जेल से रिहा कर दिया गया.
कहां कितनी गिरफ्तारी
जिला गिरफ्तारी
देवघर 229
गोड्डा 255
दुमका 148
साहेबगंज 68
पाकुड़ 33
जामताड़ा 83
संताल परगना में 700 से अधिक कार्यकर्ता गिरफ्तार, छूटे
भाकपा ने भी दिया झाविमो का साथ
जदयू व राजद ने दिया नैतिक समर्थन
गोड्डा से नहीं चलीं बसें
