धनबाद: डीआरएम ने बताया कि चार ट्रेनों को धनबाद से भी चलाया जा सकता है. प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है. जिन ट्रेनों को चलाने की योजना है उसमें रांची भागलपुर एक्सप्रेस, रांची भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस, रांची जयनगर व हैदराबाद रक्सौल शामिल है. फैसला बोर्ड को लेना है. डीआरएम ने प्रेस कांफ्रें स में कहा कि आप सभी के मन में हो रहा होगा कि जब हम गोमो के रास्ते चार ट्रेन चला सकते हैं तो पांच या छह क्यों नहीं चला सकते. लेकिन यदि गाड़ियां बढ़ा दी जायेगी तो बोकारो स्टील के उत्पादन पर इसका असर पड़ जायेगा. चंद्रपुरा-गोमो में जरूरत से ज्यादा गाड़ियां चल रही है और यदि गाड़ी बढ़ा दी जायेगा तो बोकारो जाने वाली मालगाड़ी व वहां से स्टील लेकर निकलने वाली मालगाड़ी का परिचालन प्रभावित होगा. उसका असर सीधे तौर से बोकारो स्टील के उत्पादन पर पड़ेगा.
तेतुलमारी में एलप्पी, मौर्य व शक्तिपुंज का ठहराव : कतरास और आस-पास के लोगों की सुविधा के लिए धनबाद एलप्पी एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस व शक्तिपुंज एक्सप्रेस का 15 जून से तेतुलमारी स्टेशन पर ठहराव दिया गया है. यहां पर तीनों ट्रेन दो मिनट अप व डाउन में रुकेगी.
मौर्य-शक्तिपुंज के कोच बढ़ेंगे : मौर्य और शक्तिपुंज एक्सप्रेस फिलहाल 18 कोच के साथ चलती है. लेकिन बदली परिस्थितियों में दोनों ट्रेनों को 24 कोच के साथ चलाया जायेगा. शताब्दी एक्सप्रेस पहले ही पूरे कोच के साथ चलती है, जबकि धनबाद एलप्पी में कोचों की संख्या नहीं बढ़ायी जा सकती है.
कतरास से होती थी अच्छी आय: डीआरएम ने बताया कि डीसी रेल लाइन बंद होने से कॉमर्शियल विभाग की आय पर भी असर पड़ेगा. कतरास स्टेशन पर साधारण टिकट घर, आरक्षण कार्यालय से अच्छी-खासी आय होती थी. इसके अलावा यहां पर पार्किंग स्टैंड, सफाई का टेंडर, पे एंड यूज, पार्सल कांटेक्ट, विज्ञापन सहित कई तरह के आय बंद हो जायेंगे. नौ छोटे हॉल्ट टिकट के लिए ठेकेदार को दिया गया था उस पर भी असर पड़ेगा. जबकि कुसुंडा, फुलवारी में एसटीबीएस भी बंद करना पड़ेगा.
दरभंगा-सिकंदराबाद का आज विदाई फेरा : मंगलवार को दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन का डीसी लाइन पर अंतिम दिन होगा. इस ट्रेन से गुजरने वाले यात्री दोबारा इस मार्ग पर नहीं चल पायेंगे. क्योंकि 15 जून से यह मार्ग सदा के लिए इतिहास के पन्नों में दब जायेगा. वहीं धनबाद से प्रतिदिन इस ट्रेन में सैकड़ों यात्री सफर करते हैं.