धनबाद: सरकारी प्रारंभिक स्कूलों के पहली-आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन के लिए जिले में सेंट्रलाइज्ड किचेन बनाया जा सकता है. इसको लेकर मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने धनबाद उपायुक्त ए दोड्डे को पत्र लिखा है. कहा है कि अन्नामृता, इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन से सेंट्रलाइज्ड मिड डे मील किचेन को लेकर प्रस्ताव मिला है. यह स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का प्रस्ताव है और फाउंडेशन का पत्र खूंटी जिले से संबंधित है.
धनबाद में भी सेंट्रलाइज्ड किचेन के मद्देनजर फाउंडेशन के प्रस्ताव को देखा जाये और इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को अविलंब भेजी जाये. अगर प्रस्ताव स्वीकृत हुआ तो धनबाद में भी सेंट्रलाइज्ड किचेन से मध्याह्न भोजन बच्चों को मिलेगा. सनद हो इससे पहले अक्षय पात्र फाउंडेशन से भी सेंट्रलाइज्ड किचेन की बात थी, लेकिन मामले में कुछ भी नहीं हुआ. इसके लिए बीसीसीएल से मदद लेने की भी बात थी.
डीएसइ ने कहा : इस संबंध में डीएसइ विनीत कुमार ने कहा कि फिलहाल सेंट्रलाइज्ड किचेन के लिए विभाग से कोई पत्र नहीं मिला है. फाउंडेशन से उपायुक्त को पत्र मिला है और संबंधित प्रस्ताव पर वही कुछ बता सकते हैं.
8.64 करोड़ का प्रोजेक्ट
सेंट्रलाइज्ड किचेन के प्रस्ताव में बताया गया कि प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 8.64 करोड़ रुपये है. इसके अलावा डेढ़ से दो एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी. प्रस्ताव में किचेन में लगने वाली मशीन व इक्यूपमेंट के अलावा एमडीएम के मेनू के अनुसार चावल, दाल आदि सेक्शन को भी विस्तृत रूप में बताया गया है. सेटअप में एमडीएम पहुंचाने को लगभग 32 वाहन एवं बनाने को करीब 200 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी. फाउंडेशन के अनुसार सेंट्रलाइज्ड किचेन के बाद स्कूलों में नामांकन एवं बच्चों की उपस्थिति दर में बढ़ोतरी देखी गयी है. ड्रॉप आउट अनुपात में कमी आयी है और बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार देखा गया है. यहां तक की बच्चों के कक्षा में प्रदर्शन को भी बेहतर होते देखा गया है. इससे माताओं के लिए रोजगार सृजन भी होता है.
