गांधीनगर: बेरमो खटाल के समीप दामोदर नदी घाट में डूब रहे तीन बच्चों में से दो को बेरमो दक्षिणी की मुखिया रूपा देवी ने बचा लिया, पर अपनी 12 वर्षीया पुत्री ममता कुमारी को नहीं बचा सकी. घटना शनिवार अपराह्न डेढ़ बजे की है. मुखिया रूपा देवी अपने घर की साफ-सफाई करने के बाद नदी नहाने आयी थी. नदी में पानी का बहाव कम था.
मुखिया की बेटी ममता सहित अन्य कई बच्चे भी घाट में नहा रहे थे. इसी दौरान मुखिया ने छह वर्षीय चंदन कुमार व सात वर्षीय अंजली कुमारी को पानी में बहते देखा. मुखिया ने अपनी साड़ी फेंक कर पहले चंदन, फिर अंजलि को बचाया. इसी बीच किसी ने उसे बताया कि आपकी बेटी भी नदी में बह रही है. जब तक मुखिया की नजर उस पर गयी, ममता गहरे पानी में डूब चुकी थी. घटना के बाद मुखिया व उनके पति हरेराम यादव का रो-रो कर बुरा हाल है. देर शाम तक नदी किनारे लोगों की भीड़ जुटी रही.
खेतको के गोताखोरों ने ममता के शव को निकाला : घटना के बाद स्थानीय गोताखोर दो घंटे की मशक्कत के बाद नदी में ममता को ढूंढने में विफल रहे. इसके बाद बेरमो सीओ ने खेतको के गोताखोरों को बुलवाया. अपराह्न तीन बजे खेतको के गोताखोर नदी में उतरे और करीब चार बजे रामविलास उवि के समीप बच्ची के शव को खोज निकाला.