रजौली के दोपटा निवासी थे रिटायर्ड शिक्षक ज्योति नारायण सिंह
धनबाद : बिहार के नवादा जिले के रजौली स्थित दोपटा निवासी रिटायर्ड शिक्षक ज्योति नारायण सिंह (75) की मौत इलाज के अभाव में बुधवार को धनबाद रेलवे यार्ड में हो गयी. मौत के बाद धनबाद जीआरपी को सूचना दी गयी. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में ले लिया. वहां के लोगों ने बताया कि यदि समय पर डॉक्टर आ जाते, तो उनकी मौत नहीं होती. मृतक को दो पुत्र हैं.
क्या है मामला
धनबाद जीआरपी ने बताया ज्योति नारायण अपने गांव के लोगों के साथ हरिद्वार गये हुए थे. वापस आने के दौरान वह अपने ग्रुप से बिछड़ गये और लुधियाना एक्सप्रेस की साधारण बोगी में बैठ कर धनबाद पहुंच गये. स्टेशन पर भी किसी का ध्यान नहीं गया और ट्रेन यार्ड में पहुंच गयी. ट्रेन में सफाई के दौरान कर्मचारियों की उन पर नजर पड़ी, तो उन्हें ट्रेन से नीचे उतारा, उस दौरान यह जीवित थे, उनकी हालत खराब थी.
वहां के कर्मचारियों ने रेलवे अस्पताल को फोन कर घटना की जानकारी दी और डॉक्टर भेजने को कहा. यार्ड के कर्मचारियों ने बुजुर्ग को चाय-नाश्ता भी करवाया. इस दौरान उन्होंने अपने बेटे से फोन पर बात भी की और वहीं बैठे रहे. लेकिन डेढ़ घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी डॉक्टर नहीं आये और बुजुर्ग की वहीं पर मौत हो गयी. समाचार लिखे जाने तक लाश जीआरपी में ही है. धनबाद में रह रहे नवादा के लोग लाश के पास हैं. परिजनों के आने का इंतजार जीआरपी कर रही है.